scriptHow did Rudraksha originate? Benefits of wearing Three Mukhi Rudraksha in Sawan | बड़ी दिलचस्प है रुद्राक्ष उत्पत्ति की कहानी, सावन में इस रुद्राक्ष को धारण करने से मिलता है त्रिदेवों का आशीर्वाद | Patrika News

बड़ी दिलचस्प है रुद्राक्ष उत्पत्ति की कहानी, सावन में इस रुद्राक्ष को धारण करने से मिलता है त्रिदेवों का आशीर्वाद

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष को बहुत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। रुद्राक्ष शब्द रूद्र और अक्ष इन दो शब्दों से मिलकर बना है। जहां रूद्र भगवान शिव और अक्ष नेत्रों का बोधक माना गया है। वहीं सावन में रुद्राक्ष धारण करने को बहुत फलदायी माना गया है।

नई दिल्ली

Updated: July 18, 2022 12:31:39 pm

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ से संबंधित होने के कारण क्षेत्र को बहुत पूजनीय माना गया है। साथ ही ज्योतिष शास्त्र में रुद्राक्ष की पूजा और इसे धारण करने के कई नियम भी बताए गए हैं। रुद्राक्ष की उत्पत्ति को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। तो आइए जानते हैं रुद्राक्ष की उत्पत्ति की कहानी और सावन में तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जुड़े नियम...


how rudraksha is formed, rudraksh ki utpatti kaise hui, teen mukhi rudraksha, benefits of wearing 3 mukhi rudraksha, sawan month 2022, sawan me kaun sa rudraksha pehna chahiye, benefits of 3 mukhi rudraksha, sawan me kya karna chahiye, तीन मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे, तीन मुखी रुद्राक्ष का महत्व,
बड़ी दिलचस्प है रुद्राक्ष उत्पत्ति की कहानी, सावन में इस रुद्राक्ष को धारण करने से मिलता है त्रिदेवों का आशीर्वाद

कैसे हुई रुद्राक्ष की उत्पत्ति
एक पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार भोलेनाथ एक हजार साल के लिए समाधि में चले गए थे। फिर समाधि से बाहर आने के बाद संसार के कल्याण की इच्छा से जब भगवान शिव ने अपने नेत्र बंद किए तो उनकी आंखों में से निकलकर जो जलबिंदु धरती पर गिरे, मान्यता है कि उन्हीं से कुछ पेड़ों की उत्पत्ति हुई और उस पर जो छोटे फल लगे वे रुद्राक्ष कहलाए।

इसके अलावा एक अन्य कथा के अनुसार, एक बार एक त्रिपुरासुर नामक दैत्य को अपनी शक्तियों का अहंकार हो गया तो उसने देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया। उस असुर से परेशान होकर सभी देवगण और ऋषि कृपा प्राप्ति के लिए भगवान ब्रह्मा, विष्णु और भोलेनाथ की शरण में गए। देवताओं की पीड़ा सुनकर कुछ समय के लिए भगवान शिव ने अपनी आंखें योग मुद्रा में बंद कर लीं। फिर जब शिव जी ने अपने नेत्र खोले तो उनकी आंखों से अश्रु बहे। माना जाता है कि भगवान भोलेनाथ की आंखों से आंसू जहां-जहां पृथ्वी पर गिरे वहां-वहां कई पेड़ उत्पन्न हो गए। इन पेड़ों पर जो फल लगे उन्हें ही रुद्राक्ष कहा जाने लगा। इसके बाद स्वयं भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर दैत्य का वध करके धरती और देवलोक को उसके अत्याचार से मुक्ति दिला दी।

सावन में करें 'तीन मुखी रुद्राक्ष' धारण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मान्यता है कि सावन मास में सोमवार, पूर्णिमा या अमावस्या तिथि के दिन 3 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक तीन मुखी रुद्राक्ष में पंचतत्व में प्रमुख अग्नि तत्व प्रधान होता है।

माना जाता है कि सावन में 3 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के चेहरे पर तेज और विचारों में शुद्धता आती है। मेष, वृश्चिक तथा धनु लग्न की राशि वाले जातकों के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना बहुत लाभकारी माना गया। साथ ही यह आपके पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)

यह भी पढ़ें

सर्वार्थ सिद्धि योग में सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, पूजन के बाद अवश्य पढ़ें ये कथा, हर मनोकामना पूर्ण होने की है मान्यता

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Maharashtra: महाराष्ट्र में स्टील कारोबारी पर इनकम टैक्स का छापा, करोड़ों रुपये कैश सहित बेनामी संपत्ति जब्तJammu-Kashmir: उरी जैसे हमले की बड़ी साजिश हुई फेल, Pargal आर्मी कैंप में घुस रहे 3 आतंकी ढेरजगदीप धनखड़ आज लेंगे 14वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ, दोपहर 12:30 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा समारोहकाले कारनामों को छिपाने के लिए 'काला जादू' जैसे अंधविश्वासी शब्दों का इस्तेमाल करें बंद, राहुल गांधी ने PM मोदी पर साधा निशानाMaharashtra: महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभाग बंटवारे का इंतजार, गृह और वित्त मंत्रालय पर मंथन जारीचुनाव में मुफ्त की योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाईRaksha Bandhan 2022: भाइयों के खुशहाल जीवन और समृद्धि के लिए उनकी राशि अनुसार बांधें इस रंग की राखीबिहार सीएम की शपथ लेने के साथ अपने ही रिकॉर्ड तोड़ने से चूके Nitish Kumar, 24 अगस्त को साबित करेंगे बहुमत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.