5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Raksha Bandhan 2022: रक्षाबंधन की तारीख को लेकर दूर करें अपना सारा कन्फ्यूजन, नोट कर लें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भद्राकाल

Raksha Bandhan 2022 Date: इस बार राखी बांधने की सही तारीख को लेकर काफी असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। तो आइए जानते हैं राखी डेट, मुहूर्त और पूजा विधि...

2 min read
Google source verification
raksha bandhan 2022 bhadra kaal

Raksha Bandhan 2022: रक्षाबंधन की तारीख को लेकर दूर करें अपना सारा कन्फ्यूजन, नोट कर लें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भद्रा का सटीक समय

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते के अनोखेपन और पवित्रता की याद दिलाता है। इस शुभ दिन की तैयारी घरों में काफी पहले से शुरू हो जाती है। बहनें अपने भाइयों के लिए खूबसूरत राखियां खरीदने या बनाने में जुट जाती हैं और भाई भी अपनी बहनों के लिए उपहार की तलाश में। वहीं शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन शुभ दिन पर राखी बांधने के मुहूर्त और पूजा विधि का भी बड़ा महत्व होता है। इस साल रक्षाबंधन की सही तारीख को लेकर लोगों के मन में बहुत असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। तो आइए जान लेते हैं राखी किस तारीख को बांधी जाएगी, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और क्या है इसका महत्व...

रक्षाबंधन 2022 तिथि
रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 11 अगस्त 2022 को गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 अगस्त 2022, गुरुवार को सुबह 10:38 बजे होगी और 12 अगस्त 2022, शुक्रवार को सुबह 07:05 बजे पूर्णिमा तिथि का समापन होगा।

रक्षाबंधन 2022 शुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहनें अपने भाइयों को 11 अगस्त को रात्रि 08:51 से रात्रि 09:12 बजे के बीच के शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं।

भद्राकाल प्रारंभ- 11 अगस्त 2022, गुरुवार को सुबह 10:38 बजे से
भद्राकाल समाप्ति- 11 अगस्त 2022, गुरुवार को रात 08:51 बजे तक

रक्षाबंधन 2022 पूजा विधि: रक्षाबंधन के दिन बहनें एक शुद्ध थाली में रोली, चंदन, अक्षत (साबुत), राखी, मिठाई और एक घी का दीपक रखें। दीपक जलाकर सबसे पहले भगवान की आरती उतारें। इसके बाद अपने भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ करके बिठाएं। फिर भाई के सर पर एक साफ-सुथरा रुमाल रखकर उसके माथे पर रोली-चंदन और अक्षत से तिलक लगाएं। तत्पश्चात अपने भाई के दाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधते हुए राखी मंत्र, 'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:' का उच्चारण करें और मन में भाई की सलामती की कामना करें। फिर भाई की आरती उतारकर उन्हें कुछ मीठा खिलाएं।

यह भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2022 Mantra: भाइयों को राखी बांधते समय करें इस मंत्र का जाप, विष्णु पुराण में भी मिलता है जिक्र