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2022 में शनि कब-कब बदलेंगे राशि, किन राशियों पर रहेगी शनि की दशा, किन्हें मिलेगा लाभ तो किन्हें होगी हानि, जानिए सबकुछ

कौन हैं शनि देव (Shani Dev)? क्या है शनि ग्रह का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व? 2022 में शनि कब-कब बदलेंगे राशि? कब होंगे शनि वक्री? इस साल किन राशियों पर रहेगी शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) और किन पर शनि ढैय्या (Shani Dhaiya)? क्या है शनि को मजबूत करने के उपाय? जानिए शनि ग्रह से संबंधित सभी सवालों के जवाब यहां...

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2022 में शनि कब-कब बदलेंगे राशि, किन राशियों पर रहेगी शनि की दशा, किन्हें मिलेगा लाभ तो किन्हें होगी हानि, जानिए सबकुछ

शनि (Shani) सभी नौ ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। इस ग्रह को अपनी राशि बदलने में करीब ढाई साल का समय लग जाता है। इस तरह से शनि को सभी 12 राशियों में भ्रमण करने में करीब 30 सालों का समय लग जाता है। ज्योतिष में इस ग्रह का विशेष महत्व माना जाता है। क्योंकि ये मनुष्यों के जीवन को काफी हद तक प्रभावित करता है। इसलिए शनि की चाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वर्तमान में शनि मकर राशि में गोचर कर रहा है। पिछले साल शनि ने अपनी राशि नहीं बदली थी। जानिए इस साल शनि कब बदलेंगे राशि? किन्हें शनि की इस चाल से मिलेगा लाभ तो किन्हें होगी हानि? क्या है शनि ग्रह का ज्योतिषीय महत्व? जानिए शनि ग्रह से संबंधित सबकुछ यहां।

शनि 29 अप्रैल 2022 में मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर जायेंगे। फिर इसके कुछ समय बाद यानी 5 जून से ये वक्री चाल शुरू कर देंगे। वक्री अवस्था में शनि 23 अक्टूबर 2022 तक रहेंगे। इसी बीच 12 जुलाई को ये मकर राशि में फिर से गोचर करने लगेंगे। फिर पूरे साल इसी राशि में मौजूद रहेंगे। 17 जनवरी 2023 को शनि अपनी गोचर राशि कुंभ में दोबारा से प्रवेश कर जायेंगे।

-साल 2022 की शुरुआत से लेकर 29 अप्रैल 2022 तक मकर, धनु और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती रहेगी।
-29 अप्रैल 2022 से लेकर 12 जुलाई 2022 तक मकर, कुंभ और मीन वालों पर शनि साढ़े साती रहेगी।
-12 जुलाई से लेकर 31 दिसंबर यानी साल के अंत तक धनु, मकर और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती रहेगी।


-साल की शुरुआत से लेकर 29 अप्रैल 2022 तक मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या।
-29 अप्रैल 2022 से 12 जुलाई 2022 तक कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या।
-12 जुलाई से साल के अंत तक मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या।

मेष राशि- शनि अप्रैल महीने में आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव से गोचर करेगा। इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपको आपकी मेहनत का फल प्राप्त होने के आसार रहेंगे। आपके वेतन में वृद्धि हो सकती है। जो लोग फ्रेशर हैं और नौकरी की तलाश कर रहे हैं उन्हें इस अवधि में अच्छी नौकरी प्राप्त हो सकती है। बिजनेस करने वाले लोगों के लिए ये समय अनुकूल साबित होने वाला है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी ये समय अनुकूल रहने की संभावना है। शनि जुलाई महीने में वापस से आपके दसवें भाव में गोचर कर जायेंगे। इस अवधि में आपके अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध बिगड़ सकते है। आपकी छवि व प्रतिष्ठा खराब कर सकती है।

वृषभ राशि- अप्रैल में शनि आपके दसवें भाव में गोचर करेगा जो कि पेशेवर जीवन के लिहाज से अच्छे संकेत दे रहा है। इस दौरान आपको अपनी मनचाही नौकरी मिल सकती है। परिवार वालों के साथ आपका ताल-मेल बहुत बेहतर रह सकता है। जुलाई में शनि आपके नौवें भाव में गोचर करेगा जो कि कार्यक्षेत्र में आपके लिए कुछ परेशानियां ला सकता है। हालांकि इस अवधि में आपके अटके हुए कार्यों को गति प्रदान होगी।

मिथुन राशि- अप्रैल के महीने में शनि आपके नौवें भाव में गोचर करने वाला है जिसकी वजह से आपके पुराने रुके हुए कार्य पूरे होने के आसार रहेंगे। विदेश यात्रा के भी योग इस अवधि में बनेंगे। इस अवधि में आप अपने करियर में ऊंचे मुकाम हासिल करेंगे। आमदनी में वृद्धि की संभावना है। जुलाई के महीने में शनि आपके आठवें भाव में पुनः गोचर करेंगे जिसकी वजह से आपको हेल्थ संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको सलाह दी जाती है कि इस समय अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कर्क राशि- अप्रैल महीने में शनि कर्क राशि के जातकों के सातवें भाव में स्थित रहेगा। इस दौरान आपको वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में नौकरी और व्यवसाय दोनों में ही दिक्कतें आ सकती हैं। जुलाई में शनि आपके आठवें भाव में गोचर करेगा। जो आपके पेशेवर जीवन में समस्याओं में वृद्धि कर सकता है। इस दौरान आप अपने आप को अकेला और तनावपूर्ण महसूस कर सकते हैं। जुलाई के महीने में शनि आपके सातवें भाव में वापस से गोचर करेगा। ये अवधि आपके वैवाहिक जीवन के दृष्टिकोण से अनुकूल रहने के आसार हैं।

सिंह राशि- अप्रैल के दौरान शनि आपके सातवें भाव में गोचर रहेगा जो कि आपके लिए अच्छे संकेत दे रहा है। इस दौरान आपको साझेदारी के काम में खूब लाभ प्राप्त होगा। जो जातक किसी जीवनसाथी की तलाश में हैं, उन्हें इस अवधि में भाग्य का साथ मिलेगा। जुलाई के महीने में शनि आपके छठे भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में आप किसी रोग की चपेट में आ सकते हैं। जो जातक नौकरी में हैं उनके लिए भी यह समय अनुकूल रह सकता है।

कन्या राशि- अप्रैल में शनि कन्या राशि के छठे भाव में गोचर करेगा। ये समय उनके लिए अच्छा रहेगा जो प्रशासनिक नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान आपको अच्छे मौके मिलने की संभावना है। इस दौरान वेतन में वृद्धि होने की संभावना है। जो जातक नौकरी में बदलाव करने की सोच रहे हैं उनके लिए ये अवधि सकारात्मक परिणाम दे सकती है। जुलाई माह के अंत में शनि आपके पांचवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक लाभ के लिहाज से ये अवधि आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो सकती है। किसी प्रकार का अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है।

तुला राशि- अप्रैल माह में शनि आपके पांचवें भाव से गोचर करेगा। ये समय छात्रों के लिए अनुकूल रहेगा। नौकरी में भी इस दौरान अच्छे अवसर प्राप्त होने की संभावना है। बिजनेस में भी इस अवधि में अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है। जुलाई महीने में शनि आपके पांचवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। इस दौरान आप अच्छा सौदा करने में सक्षम रह सकते हैं।

वृश्चिक राशि- अप्रैल माह में शनि आपके चौथे भाव से गोचर करेगा। जो लोग अपना व्यापार कर रहे हैं उन्हें इस दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी वाले जातकों के लिए भी ये समय मुश्किलों भरा साबित हो सकता है। जुलाई माह में शनि वापस आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस अवधि के दौरान आप खर्चों को लेकर थोड़े लापरवाह हो सकते हैं।
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धनु राशि- अप्रैल में शनि आपके तीसरे भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में आप धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले सकते हैं। जुलाई माह में शनि आपके दूसरे भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको आकस्मिक लाभ या आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इस अवधि में आपको अपने प्रयासों में सकारात्मक फल प्राप्त होंगे।

मकर राशि- अप्रैल में शनि आपके दूसरे भाव में गोचर करेगा। ये समय व्यापार करने वालों के लिए लाभप्रद साबित हो सकता है। इस अवधि में आप अपने काम से बहुत अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं। आपको इस अवधि में अचानक से लाभ मिलने की संभावना है। जुलाई में शनि आपकी ही राशि में गोचर करेंगे। इस अवधि में मनपसंद व्यक्ति से विवाह के योग बन बनेंगे। किसी रोग से इस दौरान छुटकारा मिल सकता है।

कुंभ राशि- अप्रैल में शनि आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे। ये अवधि कुंभ राशि के विवाहित जातकों के लिए अनुकूल रहने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे। साझेदारी के काम में आप अच्छा लाभ प्राप्त कर सकेंगे। कड़ी मेहनत का आपकी उचित फल प्राप्त होगा। जुलाई माह में शनि वापस आपके बारहवें भाव में गोचर करेगा। ये अवधि उन जातकों के लिए अच्छी रहेगी जो अंतर्राष्ट्रीय या बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं।

मीन राशि- अप्रैल में शनि आपके बारहवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान कुछ आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। खर्चे अचानक से बढ़ सकते हैं। आपको नींद न आने की शिकायत भी हो सकती है। किसी प्रकार की छोटी दुर्घटना होने की आशंका है। हालांकि ये समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए अनुकूल रह सकता है। जुलाई में शनि आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में आपके संबंध आपके बड़े भाई-बहनों से मजबूत हो सकते हैं।

ज्योतिष दृष्टि से शनि ग्रह: अधिकतर लोग शनि को बुरे परिणाम देने वाला ही ग्रह मानते हैं लेकिन ज्योतिष की मानें तो ऐसा सोचना गलत है। क्योंकि शनि अच्छे परिणाम भी देते हैं। ये व्यक्ति के कर्मों और उसकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है कि शनि उसे कैसे परिणाम देंगे। कहते हैं अगर कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में होता है तो ये व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है। वहीं अगर ये ग्रह अशुभ स्थिति में होता है तो व्यक्ति का जीवन परेशानियों से भी भर देता है। शनि को कर्म ग्रह माना जाता है। ये अच्छे कर्म करने वालों को सकारात्मक परिणाम देता है तो बुरे कर्म करने वालों को नकारात्मक परिणाम देता है।

शनि की प्रिय राशियां: शनि देव कुंभ और मकर राशि के स्वामी हैं। इसलिए इन राशि के लोगों पर शनि की विशेष कृपा रहती है। वहीं तुला राशि शनि की उच्च राशि है इसलिए तुला वालों पर शनि देव विशेष रूप से मेहरबान रहते हैं। जबकि मेष शनि देव की नीच राशि है।

-ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शं योरभि स्त्रवन्तु न:।।
-ॐ शं शनैश्चराय नमः।।
-ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।

कौन हैं शनि देव? शनि ग्रह को शनि देव के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं अनुसार शनि देव को सूर्य देव का पुत्र माना जाता है और इनकी माता का नाम छाया है। शास्त्रों में ऐसा वर्णन मिलता है कि सूर्य देव ने शनि देव के श्याम वर्ण के कारण उन्हेंअपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया था। कहते हैं तभी से शनि सूर्य देव यानी अपने पिता से शत्रुता का भाव रखते हैं। हिरण, गधा, कुत्ता, भैंसा, हाथी, घोड़ा, मोर, गिद्ध और कौआ शनि की सवारी हैं। ऐसा माना जाता है कि शनि इस पृथ्वी में सामंजस्य बनाए रखता है। बुरे कर्म करने वाले लोगों को शनि देव दण्डित करते हैं। शनिवार शनि देव का दिन माना जाता है। नीलम रत्न शनि ग्रह को मजबूत करता है।

शनि को मजबूत करने के उपाय (Shani Upay)
-शनि देव की पूजा के लिए शनिवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन शनि से संबंधित चीजों का दान फलदायी होता है।
-शनि की दशा चल रही हो तो व्यक्ति को अपनी एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखकर अपनी छाया दान करनी चाहिए। ऐसा हर शनिवार करें।
-शनिवार के दिन शनि से संबंधि चीजों को नहीं खरीदना चाहिए। जैसे काला कपड़ा, काला जूता, सरसों का तेल, लोहे का सामान, उड़द दाल इत्यादि।
-शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए। साथ ही शनि के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
-शनिवार को हनुमान जी की अराधना करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
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