
Vastu Shastra: दक्षिणमुखी मकान माने जाते हैं अशुभ, लेकिन ये वास्तु टिप्स कर सकते हैं आपकी मदद
Vastu Tips For South Facing House: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार की दिशा को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यहीं से घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए घर बनवाते समय यदि वास्तु के नियमों और दिशाओं का ध्यान रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि घर का मुख उत्तर, उत्तर-पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ होता है। वहीं दक्षिण, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, या दक्षिण-पूर्व में मुख्य द्वार को अशुभ माना गया है। लेकिन सभी के लिए वास्तु के नियमों के अनुसार घर में रहना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में यदि आपका घर दक्षिणमुखी है तो इसके वास्तु दोषों से मुक्ति पाने के लिए और घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु टिप्स अपना सकते हैं...
वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने दक्षिणमुखी घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए मुख्य द्वार के ऊपर पंचमुखी भगवान हनुमान की तस्वीर लगाना शुभ होता है।
यदि आपके घर का मुंह दक्षिण की तरफ है तो ध्यान रखें कि घर के दक्षिण दिशा की दीवारें उत्तर और पूर्व दिशा की तरफ की दीवारों की तुलना में थोड़ी ऊंची और मोटी होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार ऐसा होने से यह घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और घर के वास्तु दोष निवारण में भी सहायक है।
यदि आपका घर दक्षिणमुखी है तो घर के मुख्य दरवाजे के सामने एक आदमकद आइना इस तरह लगाएं कि घर में आने वाले हर व्यक्ति को अपना पूरा प्रतिबिंब उस दर्पण में दिखे। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती।
औषधिए गुणों से युक्त नीम का पेड़ भी एक अच्छा उपाय हो सकता है। वास्तु के जानकारों के अनुसार घर या आपके कार्यस्थल के दक्षिणमुखी होने पर इसके मुख्य दरवाजे के आकार से दोगुनी दूरी पर एक नीम का पेड़ लगा सकते हैं।माना जाता है कि इससे घर पर मंगल का बुरा प्रभाव काफी खत्म हो जाता है।
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Updated on:
06 Sept 2022 12:04 pm
Published on:
06 Sept 2022 12:03 pm
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