
रीवा से भी दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है।
रीवा। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) यानि एमपी बोर्ड की 10 वीं क्लास की परीक्षाएं सोमवार से शुरु हुईं। पहला पेपर हिंदी विषय का था जो सुबह 9 बजे से शुरु हुआ। पेपर चालू होने के पहले ही इसके आउट होने की खबर आ गई। सोशल मीडिया में यह पेपर वायरल हो गया। हालांकि शिक्षा विभाग ने वायरल पेपर को फर्जी बताते हुए पूरे मामले की पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने इस केस में 5 लोगों को पकड़ा है जिनसे पूछताछ की जा रही है। रीवा से भी दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है।
10 वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन बवाल मच गया। सुबह 9 बजे से हिंदी का पेपर था लेकिन कई घंटे पहले ही इंदौर में सोशल मीडिया पर पेपर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर कई ग्रुप्स में यह पेपर शेयर किया गया।
परीक्षा के पहले पेपर आउट हो जाने से हड़कंप मच गया। विवाद शुरु होते ही माध्यमिक शिक्षा मंडल मंडल के प्रवक्ता मुकेश मालवीय ने सफाई देते हुए पेपर आउट होने से बिल्कुल इनकार कर दिया। उन्होंने वायरल पेपर को फर्जी बताया और कहा कि हाईस्कूल परीक्षा 2024 का हिंदी का पेपर पूरी तरह अलग है।
इंदौर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मंगलेश कुमार व्यास ने भी वायरल हुए हिंदी के पेपर को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि पेपर आउट होने की बात पूरी तरह गलत है। दोनों पेपर के कोड भी अलग अलग हैं।
इसके साथ ही माशिमं बोर्ड अधिकारियों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाने की शिकायत करते हुए साइबर पुलिस में FIR दर्ज करा दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और 5 लोगों को हिरासत में भी ले लिया।
इधर पेपर लीक मामले में मऊगंज से भी दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। भोपाल की साइबर टीम ने दबिश देकर इन नाबालिकों को धर दबोचा। स्थानीय पुलिस की मदद से एक नाबालिग को मऊगंज कस्बे से और दूसरे आरोपी को उसके मामा के घर से पकड़ा।
दोनों नाबालिगों को पुलिस अपने साथ भोपाल ले गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिन नाबालिगों को पकड़ा गया है, उनकी इस केस में संलिप्तता सामने आई है। दोनों नाबालिगों के नंबर ग्रुप में जुड़े हैं और ये दोनों संदिग्ध नंबर का इस्तेमाल करते हुए भी पाए गए हैं।
Published on:
05 Feb 2024 08:02 pm
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