
रखरखाव राशि में करोड़ों की गड़बड़ी
रीवा. प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के रखरखाव के लिए पिछले दो वर्ष में जारी राशि का संबंधित ब्लाकों से अधिकारियों ने हिसाब नहीं दिया। लगातार नोटिस जारी करने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी बीआरसी का वेतन रोक दिया है। यह कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए की गई है। जब तक संबंधित अधिकारी उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करेंगे तब तक यह लागू रहेगा। इस बीच सभी संबंधितों के वेतन से कटौती करते हुए उक्त राशि की भरपाई की जाएगी।
जिले में स्कूलों की मरम्मत, सामग्री खरीदी सहित अन्य कार्यों के लिए हर साल राशि जारी होती है। जिसमें बीआरसी एवं अन्य ने मिलकर व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार करते हुए राशि तो आहरित करवा डाली, लेकिन उसके बदले कार्य नहीं हुए। यह राशि करीब 50 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। अधिकांश स्कूलों में कोई कार्य नहीं हुआ है। इस कारण जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर नौ ब्लाकों के बीआरसी के वेतन काटने का आदेश जारी किया है।
इसमें रीवा के तत्कालीन बीआरसीसी प्रवीण कुमार शुक्ला, रायपुर कर्चुलियान के विनोद पांडेय, मऊगंज के दीपेन्द्र सिंह, सिरमौर के सुधीर साकेत, नईगढ़ी के धर्मेन्द मिश्रा, त्योंथर के नीरज नयन तिवारी, हनुमना के देवेन्द्र मिश्रा, गंगेव के नरेश मिश्रा, जवा के शिवाकांत गौतम आदि शामिल हैं। यह कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ के अनुमोदन के बाद की गई है।
रीवा के जिला शिक्षा अधिकारी गंगा प्रसाद उपाध्याय के अनुसार स्कूलों के रखरखाव की जो राशि जारी हुई थी उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधित ब्लाकों से नहीं दिया गया है। इस कारण जिम्मेदार रहे बीआरसीसी की वेतन रोकी गई है। यह तब तक के लिए रोकी गई जब तक वह हिसाब नहीं देंगे।
Published on:
23 Dec 2022 01:03 pm
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