
Ayurveda system of medicine is 5000 years old in our country
रीवा. प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में आयोजित आयुष कर्मचारी संघ के स्नेह मिलन सम्मेलन में कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति हमारे देश के 5 हजार वर्ष पुरानी चिकित्सा पद्धति है। इसमें पूरी तरह से जड़ी-बूटियों की सहायता से इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की एक विशेषता और है कि इसमें औषधियों का कोई साइड इफैक्ट नहीं होता। मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के लगातार प्रगति और हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीर हैं। इससे पूर्व मंत्री ने भगवान धनवंतरी के चित्र में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पंचायत मंत्री डॉक्टरों की इंटर्नशिप बढ़ाने मुख्यमंत्री से करेंगे मंत्रणा
बतौर मुख्य अतिथि पंचायत मंत्री ने सम्मेलन में आयुष कर्मचारी संघ की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि चिकित्सकों की मांग पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री से पर्याप्त मात्रा में औषधियां एवं चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वसन दिया। मंत्री ने आयुष कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की सहमति दी तथा इंटर्नशिप कर रहे चिकित्सकों का मानदेय 7 हजार से 14 हजार करने की सहमति दी। मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को विकसित एवं प्रतिस्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से गंभीर है एवं इसको सुविधा संपन्न बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियाएं उपकरण और अधोसंरचना के विकास के लिए पर्याप्त मदद दी जाएगी। इस दौरान मंत्री ने केन्द्र सरकार के बजट को भी निराशा जनक बताया।
अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिले मंत्री
पंचायत मंत्री जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के विभिन्न वार्डो में भर्ती मरीजों से मिले और उपचार तथा औषधियों की जानकारी ली। मंत्री ने आयुर्वेद चिकित्सालय में पंचकर्म चिकित्सा, सर्जरी यूनिट, इएनटी, फीजियोथैरेपी कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोविंदगढ़ से आयी लकवा की मरीज मुन्नी देवी, गुढ़ से आयी शिवकली, डायबिटीज की मरीज कीर्ति द्विवेदी, वीरखाम की रानी सेन आदि मरीजों से मिले। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के प्राचार्य दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न वार्डो में 50 मरीज भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। चिकित्सकों द्वारा पंचकर्म एवं अन्य उपचार पद्धतियों से उनका इलाज किया जा रहा है।
सम्मेलन में आयुष कर्मचारी संघ ने उठाई मांग
आयुष कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भरतलाल मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करायी जाय। उन्हें एलोपैथी चिकित्सा कर्मचारियों की तरह सुविधाएं उपलब्ध करायी जाय। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति प्राचीन चिकित्सा पद्धति है इसे लोकव्यापी बनाने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाए। इससे पूर्व मंत्री Ÿको शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता कुंवर ङ्क्षसह, आशीष दुबे, डॉ. डीके साहू, डॉ ओपी द्विवेदी, दिनेशचन्द्र, डॉ. पवन जैन, डॉ एसएन तिवारी, डॉ. निरजा शुक्ला, अरूण मिश्र, दिनेश तिवारी, जितेन्द्र त्रिपाठी, चन्द्रमणि सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Published on:
02 Feb 2020 08:05 pm
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