
Ayushman card expire tells that doctor recovered 23 thousand from woman
रीवा. जिले में आयुष्मान कार्ड के नाम पर मनमानी का खेल चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते निजी अस्पतालों के चिकित्सक आयुष्मान कार्ड में क्लेम लेने के बाद भी मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में ऐसा ही एक मामला पहुंचा है।
कलेक्टर ने सीएमएचओ से कहा तत्काल सीज करो
कलेक्टर इलैयाराजा टी ने शिकायत सुनने के दौरान सीएमएचओ डॉ. एमएल गुप्ता को फोन पर कहा कि शंकर नर्सिंग होम को तत्काल सीज करो। पीडि़त महिला पुष्पा रजक के आवेदन की जांच कराकर वसूल किए गए पैसे वापस कराओ। जनसुनवाई में शहर निवासी पुष्पा रजक ने कलेक्टर को आवेदन देकर कहा कि महिला चिकित्सक डॉ. शैलबाला से इलाज करा रही थी। महिला चिकित्सक ने शंकर नर्सिंग होंम में रेफर कर दिया।
मरीज से लिए गए पैसे वापस कर दिए गए
नर्सिंग होंम के चिकित्सक ने आपरेशन किया। आयुष्मान कार्ड को एक्सपायर बताते हुए 23 हजार रुपए वसूले। मामले में कलेक्टर ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ जांच बैठाते हुए सीएमएचओ से पीडि़त महिला को तत्काल वसूल किए गए पैसे वापस कराने के साथ नर्सिंग होम सीज करने का निर्देश दिए हैं। उधर, इसकी सूचना से नर्सिंग होम संचालक आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियेां को सूचना दी है कि मरीज से लिए गए पैसे वापस कर दिए गए हैं।
सीएमएचओ ने गठित की जांच टीम
कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. एमएल गुप्ता ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। सीएमएचओ डॉ एमएल गुप्ता ने बताया कि जनसुनवाई में पीडि़त महिला ने शिकायत की है। शिकायत के आधार पर डीएचओ प्रथम व द्विवेदी के साथ ही नर्सिंग होम शाखा के प्रभारी को संयुक्त जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएओ के मुताबिक शंकर नर्सिंग होम संचालक ने सूचना दिया कि पीडि़त का पैसा वापस कर दिया है।
Updated on:
17 Mar 2021 10:25 am
Published on:
17 Mar 2021 10:24 am
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