24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पंद्रह हजार कर्मचारियों के वेतन का नहीं लगा बिल, जानिए, फिर क्या हुआ

मध्य प्रदेश लिपिक शासकीय कर्मचारी संघ के हड़ताल के चलते वेतन भुगतान की पूरी नहीं हो सकी कागजी प्रक्रिया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रीवा

•

image

Rajesh Patel

•

Updated: 2 Aug 2018, 8:57 PM IST

Bill of fifteen thousand government employees not paid for July month

Bill of fifteen thousand government employees not paid for July month

रीवा. मध्य प्रदेश लिपिक शासकीय कर्मचारी संघ के हड़तालबाबुओं के हड़ताल के चलते जिले में पंद्रह हजार कर्मचारियों का वेतन प्रभावित हो गया है। कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण संबधित विभागों के आहरण संवितरण अधिकरी (डीडीओ) ने हाथ खड़े कर दिए गए हैं। कुछ विभागों को छोड़ दें तो ज्यादातर विभागों के कर्मचारियों के वेतन की कागजी प्रक्रिया नहीं हो सकी है। इसलिए जुलाई माह का वेतन समय से जारी नहीं हो सकेगा।

हर माह के २३ तारीख को लगाया जाता है बिल
जिले में कलेक्ट्रेट, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संशासन, महिल बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के लिपिक लंबे समय से हड़ताल पर हैं। सबसे ज्यादा स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के वेतन प्रभावित हैं। बताया गया कि हर माह के २३ तारीख को वेतन की कागजी प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। जुलाई माह में मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ की अगुवाई में बाबू लंबे समय से लंबित है। वेतन की कागजी प्रक्रिया चालू नहीं होने से जुलाई माह का वेतन समय से जारी नहीं हो सकेगा।

कोषालय पहुंचे कई विभागों के कर्मचारी
वेतन भुगतान की कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कई विभागों के कर्मचारी कोषालय पहुंचे। बुधवार को होमगार्ड सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने कोषालय अधिकारियों से संपर्क किया। कोषालय के अधिकारियों ने संबंधित डीडीओ को बिल लगाने की जानकारी भी दी। होमगार्ड विभाग के कर्मचारियों कोषालय अधिकारी से मिलने पहुंचे थे। इसी तरह कई अन्य विभागों के कर्मचारियों ने बताया कि बाबुओं के हड़ताल के चलते वेतन का बिल नहीं लग सका है। जिससे जुलाई माह का वेतन समय से नहीं आएगा।

वर्जन...
कर्मचारियों के वेतन भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के डीडीओ की है। हां ये बात जरूर है कि बाबू हड़ताल पर हैं। कागजी प्रक्रिया के कारण बिल नहीं लगे होंगे। भुगतान की स्थित डीडीओ ही बता सकेंगे।
विभूति अग्रवाल, कोषालय अधिकारी