
विधायक प्रदीप पटेल को ग्रामीणों ने खदेड़ा (Photo Source- Patrika Input)
Mauganj News : मध्य प्रदेश के रीवा जिले से अलग हुए मऊगंज जिले में सत्ता के रसूख पर जनता का आक्रोश भारी पड़ने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। दरअसल, जिले में स्थित एक विवादित जमीन का मामला सुलझाने के लिए भाजपा विधायक प्रदीप पटेल धरने पर बैठ गए थे। लेकिन, ऐसा करने पर उन्हें दूसरे पक्ष के लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि, ग्रामीणों ने विधायक को घेरकर 'मुर्दाबाद' के नारे लगाने शुरु कर दिए। यही नहीं उन्हें मौके से खदेड़ तक दिया। आखिर क्यों विधायक को अपनी ही विधानसभा में लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा, आइये जानते हैं कारण।
ये हैरान कर देने वाला मामला मऊगंज बायपास पर देर रात देखने को मिला। कड़कड़ाती ठंड में प्लास्टिक की पन्नी के नीचे धरने पर बैठे भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि, उन्हें कुछ ही देर में यहां ग्रामीणों की भारी नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा के पक्ष में खड़े विधायक ने जैसे ही दूसरे पक्ष के लल्लू पाण्डेय को पुलिस के जरिए थाने भिजवाया, ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।
फिर क्या था, देखते ही देखते स्थितियां इतनी बिगड़ गई कि, मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसने भाजपा विधायक को चारों तरफ से घेर लिया। चारों तरफ से 'प्रदीप पटेल मुर्दाबाद' के नारे गूंजने लगे। ग्रामीणों ने विधायक से तीखे सवाल पूछे कि, आखिर कोर्ट में लंबित मामले में वे दखल क्यों दे रहे हैं? स्थिति तब और गंभीर हो गई जब लल्लू पाण्डेय के परिवार ने आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने विधायक को दो-टूक कहा कि, 'ये हमारी जमीन है, आप यहां से बाहर जाएं।'
देखते ही देखते मौके पर माहौल इतने बिगड़ गए कि, विधायक का वहां ठहरना ही असुरक्षित हो गया। ग्रामीणों के उग्र तेवर देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पुलिसकर्मियों ने घेरा बनाकर विधायक को भीड़ से बाहर निकाला, लेकिन आक्रोशित लोगों ने विधायक की गाड़ी तक रोक ली। जैसे-तैसे पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए विधायक को मौके से रवाना किया। इस घटनाक्रम को मौक पर मौजूद लोग 'विधायक को खदेड़ना' कह रहे हैं।
एक तरफ भाजपा विधायक और दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता की ये जुगलबंदी अब मऊगंज की राजनीति में नया उबाल ले आई है। विधायक को अपनी ही जनता के विरोध के सामने पीछे हटना पड़ा। थाने में घंटों बैठने के बाद भी कोई लिखित शिकायत न देना कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है। अब इस मामले में आगे क्या होगा ये तो समय ही बताएगा।
Published on:
04 Jan 2026 11:28 am
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