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चिरमिरी-रीवा ट्रेन हादसा : डायरी में लिखने के बाद भी गेटमैन ने बंद नहीं किया था फाटक

हादसे के बाद से लापता है गेटमैन, संचालन से जुड़े अन्य अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज

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रीवा. चिरमिरी-रीवा फास्ट पैसेंजर को तुर्की स्टेशन से गेटमैन को फाटक बंद करने का सिग्नल मिला था। इसका उल्लेख गेटमैन ने डायरी में है, बावजूद रेलवे फाटक बंद नहीं था। परिणाम स्वरूप रेलवे क्रासिंग कर रहे ट्रक से ट्रेन टकरा गई। यह बात प्रारंभिक जांच में सामने आई है। जिस पर गेटमैन पुष्पेन्द्र तिवारी को निलबिंत कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी जांच की जा रही है।

रेलवे की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मानवयुक्त इस रेलवे फाटक में हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा पर बड़ा सवाल कर दिया है। इस मामले की जानकारी रेलवे मंत्रालय ने तत्काल तलब की है। इससे हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि तीन दिन के अंदर घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। इस हादसे की जांच के लिए पीईडब्लयू, सहित चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम सात दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट डीआरएम को सौंपेगी। इसके लिए रविवार से टीम ने जांच शुरू कर दी है।सबसे पहले तुर्की स्टेशन में अभिलेखों का निरीक्षण किया गया।

दो दिन बाद भी गेटमैन लापता
चिरमिरी ट्रेन हादसा के बाद गेटमैन पुष्पेन्द्र तिवारी लापता है। आरपीएफ ने दूसरे दिन भी उनकी तलाश की लेकिन अभी तक वह अधिकारियों के सामने प्रस्तुत नहीं हुए है। गेटमैन के बयान दर्ज नहीं होने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।

रविवार तड़के हुआ हादसा
चिरमिरी से रीवा आ रही चिरमिरी-रीवा ट्रेन रविवार तड़के 4.30 बजे चोरहटा के नौवस्ता पहुंची। ट्रेन आगे बढ़कर जैसे ही रेलवे क्रासिंग के पास पहुंची रेलवे टै्रक पार कर रहा गिट्टी से लोड ट्रक (यूपी 6 2 एटी 976 7) टकरा गया। बताया गया कि फाटक खुला था, इसी दौरान ट्रेन आ गई और ट्रक के पिछले हिस्से से जोरदार टक्कर हो गई। इससे ट्रक बीच से टूट गया और ट्रेन का इंजन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में टे्रन के पायलट संजय श्रीवास्तव व सह पायलट निर्भय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। तड़के हुई घटना से नौवस्ता क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इंजन के अंदर फंसे पायलटों को बाहर निकालकर संजय गांधी अस्पताल लाया गया। तड़के सतना से मेडिकल सैलून भी मौके पर पहुंची जिसमें मौजूद रेसक्यू दस्ते ने तत्काल राहत और बचाव कार्य किया गया।


balmukund dwivedi IMAGE CREDIT: patrika

पायलट की समझदारी से टला बड़ा हादसा
उक्त हादसा भीषण हो सकता था लेकिन पायलट की समझदारी से टल गया। जिस समय ट्रक रेलवे ट्रैक को पार कर रहा था उस समय पायलट की नजर उस पर पड़ गई। पायलट ने तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगा दिया जिससे ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई। ट्रक का अगला हिस्सा आगे निकल गया और पीछे की बाडी ट्रेन से टकरा गई, इससे ट्रक के चालक व खलासी सुरक्षित बच गए। वहीं गाड़ी की रफ्तार धीमी होने से वह हादसे के बाद आसानी से पटरियों पर ही रुक गई।