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कलेक्टर से छिना अधिकार, भू-आयुक्त करेंगे पटवारी हल्का का गठन, जानिए, ये भी नियम बदले

सडीएम के पास वापस होंगे रेवन्यू बोर्ड के प्रकरण, भू-राजस्व संहिता में 122 धाराओं का संशोधन, 26 धाराएं खत्म
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रीवा

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Rajesh Patel

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Updated: 31 Jul 2018, 4:51 PM IST

Collector's right, Geo-Commissioner will create Patwari light

Collector's right, Geo-Commissioner will create Patwari light

रीवा. सरकार ने भू-राजस्व संहिता की 122 धराओं को संशोधित और स्थापन की कार्यवाही करते हुए अफसरों के अधिकारों में बदलाव कर दिया है। संशोधित भू-राजस्व संहिता की नई व्यवस्था २७ जुलाई से लागू कर दी गई है। इसमें धारा 104 के तहत पटवारी हल्कों का निर्माण और धारा 105 के तहत राजस्व निरीक्षण मंडल के गठन का अधिकार कलेक्टर से वापस लेकर आयुक्त भू-अभिलेख को दे दिए गए हैं।

भू-राजस्व संहिता की 122 धाराओं में से 42 संशोधित
भू-राजस्व संहिता के संशोधन के बाद फाइनल प्रकाशन की लिस्ट में 122 धाराओं में से 42 संशोधित कर दी गई हैं, जबकि 28 धाराओं को खत्म कर दिया गया है, शेष के बिंदुओं में बदलाव कर नए सिरे से स्थापन किया गया है।
नई व्यवस्था में पटवारी हल्का और राजस्व मंडल के निर्माण का अधिकार कलेक्टर से लेकर भू-अभिलेख एवं बंदोस्त आयुक्त को दे दिया गया है। नामांतरण पंजी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है, सभी प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में जमा होंगे। इसी तरह जमीन की रजिस्ट्रियां रजिस्ट्री होने के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय से सीधे तहसीलदार को भेज दी जाएंगी। शासन की नई व्यवस्था में लंबे समय से रेवन्यू बोर्ड में चल रहे प्रकरण एसडीएम कार्यालय में वापस किए जाएंगे।

एसडीएम नहीं कर सकेंगे पटवारियों की पोस्टिंग
एसडीएम पटवारियों का स्थानांतरण नहीं कर सकेंगे। अब पटवारियों की पोस्टिंग सीधे कलेक्टर करेंगे। पहले एसडीएम पटवारियों के स्थानांतरण का प्रस्ताव तैयार करते थे लेकिन सरकार की नई व्यवस्था में कलेक्टर सीधे पटवारियों का स्थानांतरण कर सकेंगे, इसके लिए एसडीएम के प्रस्ताव की आश्यकता नहीं पड़ेगी।

भू-स्वामी निर्धारित कर सकेगा डायवर्सन
भू-राजस्व संहिता की धारा-56 में भू-स्वामी स्वयं के भूमि डायवर्स का निर्धारण करेगा। धारा-172 को शून्य कर दिया गया है। डायवर्सन के चल रहे सभी तरह के प्रकरण समाप्त हो जाएंगे।

राजस्व निरीक्षक करेंगे सीमांकन
पटवारियों की मनमानी को देखते हुए भू-संहिता की धारा की बिदुंओं में परिवर्तन कर सीमांकन का पावर राजस्व अधिकारी को दे दिया गया है। सीमांकन की कार्यवाही 30 दिन में की जानी है। भू-स्वामी भूमि सीमांकन के लिए सीधे तहसीलदार को आवेदन देंगे।

अपर तहसीलदारों की होगी पदस्थापना
शासन ने राजस्व विभाग के लोड को कम करने के लिए धारा 11 में राजस्व अधिकारियों के नए पद सृजृत किए हंै। नई व्यवस्था में 13 अधिकारियों की बजाय 19 राजस्व अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। कलेक्टर कार्यालय में अब सहायक कलेक्टर और तहसीलों में अपर तहसीलदार के पद सृजृत किए गए हैं। इस अलावा सर्वेक्षण अधिकारी सहित उप सर्वेक्षण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।