
Courage Day: Independence from the country's martyrdom sacrifice
रीवा. स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व जिले भर में शौर्य दिवस मनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समारोह में उद्योग तथा खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिले के शहीदों के परिजनों को शाल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।
बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में शान्ति
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान से देश को आजादी और सुरक्षा मिली है। सीमा पर तैनात वीर जवानों के त्याग और बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में शान्ति और सुरक्षा से रह रहे हैं। शहीदों तथा उनके परिजनों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। शहीदों के परिजनों की हर कठिनाई को दूर कर उन्हें शासन से प्राप्त होने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
हमारी सुरक्षा के लिए वीर जवानों ने दिखाए अदम्य साहस
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज और देश उन परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा जिनके सदस्यों ने हमारी रक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगा दी। युद्ध आतंकवादी गतिविधियों तथा नक्सली गतिविधियों की रोकथाम में भी हमारे जिले के वीर जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए प्राणों का उत्सर्ग किया। ऐसा बलिदान वही कर सकता है जो अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिये जीता हो। उन्होंने कहा कि परिजनों के सम्मान की इस घड़ी में हर व्यक्ति की आंख नम है। आपने देश के लिए अपने परिवार का सदस्य खोया है लेकिन इसके बदले पूरा देश पाया है। शहीदों से बढक़र और किसी का सम्मान नहीं हो सकता है।
ये रहे मौजूद
समारोह में शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए रीवा संभाग के कमिश्नर महेशचन्द्र चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा, पुलिस उप महानिरीक्षक एके शर्मा, एडीजीपी रेल जीपी सिंह, कलेक्टर प्रीति मैथिल, पुलिस अधीक्षक सुशांत सक्सेना तथा जिला एवं गौ संवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, अधिकारीगण उपस्थित रहे। समारोह का समापन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवा निवृत्त लेफ्टिनेंट पी गंगा द्वारा आभार प्रदर्शन से हुआ।
देशभक्ति गीतों पर नम हुई आंखे
शौर्य समारोह में मार्तण्ड विद्यालय के छात्र-छात्राओं तथा प्रफुल्ल तिवारी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किण्। ऐ मेरे वतन के लोगों गीत सुनकर समारोह में शामिल शहीदों के परिजनों की आंखे नम हो गयीं। शहीदों की स्मृति में सभी ने शीश झुकाए। शहीदों को अर्पित की गई पुष्पांजलि . समारोह में उद्योग मंत्री तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने जिले के वीर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया।
शहीदों के गांव जाकर परिजनों का किया गया सम्मान
शौर्य दिवस पर जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह के साथ-साथ हर शहीद के परिजनों का उनके घर जाकर सम्मान किया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों ने जिले के विभिन्न गांवों में शहीदों के घर जाकर उनके परिजनों को शाल, श्रीफल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।
11 साल से सुविधाओं के लिए भटक रही हूं
उद्योग मंत्री के पड़ोसी गांव ऊंची की निवासी देववती जायसवाल के पति रामसजीवन 1996 में शहीद हो गए थे। बेटा उदय जायसवाल 24 साल का हो गया है। आज तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली। शौर्य दिवस पर सम्मान कार्यक्रम में पहुंची वीरनारी ने कहा कि हमारा हक मिल जाए, इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं है। हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान बेटे की अनुकंम्पा नियुक्ति है। सरोज शुक्ला ने कहा 11 साल से सुविधाओं के लिए भटक रही हूं। इसी तरह कई अन्य महिलाएं सुविधाओं के लिए आवाज उठाया। वीरनारियों ने कहा कि उन्हें उनका हक मिल जाए, इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं हैं।
Published on:
14 Aug 2018 09:58 pm
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