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जिला अधिवक्ता संघ का निलंबन समाप्त, जानिए परिषद से क्यों हुआ टकराव

राज्य अधिवक्ता परिषद का निर्देश नहीं मानने के चलते की गई थी कार्रवाई

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रीवा

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Mrigendra Singh

Oct 20, 2017

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रीवा। कोर्ट भवन निर्माण को लेकर राज्य अधिवक्ता परिषद और जिला अधिवक्ता संघ के बीच उत्पन्न हुआ गतिरोध समाप्त होने की ओर है। परिषद द्वारा अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी निलंबित किए जाने का आदेश वापस लेते हुए निलंबन बहाल करने की घोषणा की गई है।

28 अगस्त से हड़ताल पर हैं वकील
रीवा में जिला कोर्ट भवन का निर्माण इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रारंभ किए जाने का विरोध अधिवक्ताओं द्वारा किया जा रहा है। बीते 28 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर अधिवक्ता चल रहे हैं। आंदोलन धीरे-धीरे उग्र होता जा रहा है, जिसके चलते परिषद की आमसभा में भी इसके समर्थन में प्रस्ताव पारित हुआ।

संघ को परिषद ने लिखा था पत्र
परिषद ने अधिवक्ता संघ को पत्र लिखकर सूचित किया था कि वह काम पर वापस लौटें। जब संघ की आमसभा में परिषद के निर्देश को दरकिनार करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया तो गतिरोध और बढ़ गया। निर्देश की अवहेलना करने पर परिषद की अपील समिति के अध्यक्ष ने कार्यकारिणी को निलंबित करने आदेश जारी दिया था।

तदर्थ समिति का हुआ था गठन
अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी निलंबित करने के साथ ही पांच सदस्यों की तदर्थ कमेटी भी गठित की गई थी, जिसके संयोजक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पांडेय को ही बनाया गया था। परिषद के इस निर्देश का पालन करने से इंकार किए जाने के चलते अब निलंबन समाप्त करने की घोषणा की गई है। पूर्व की तरह अधिवक्ता संघ को फिर शक्तियां मिल गई हैं।

तीन बार निर्देश मानने से किया इंकार
हड़ताल को लेकर राज्य अधिवक्ता परिषद ने लगातार तीन निर्देश संघ को जारी कर हड़ताल से वापस लौटने की अपील की लेकिन संघ से जुड़े अधिवक्ता आंदोलन के लिए ही अड़े रहे। पहला निर्देश 7 अक्टूबर को दिया गया कि 9 अक्टूबर से हड़ताल समाप्त करें। इस पर 10 अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी गई और सड़क पर प्रदर्शन किया। 11 को संघ की आमसभा बुलाई गई जिसने निर्णय आने तक आंदोलन करने का प्रस्ताव पास किया। इसी दिन सायं परिषद का निर्देश आया कि 12 एवं 13 अक्टूबर को सभी वकीलों को काम करने दिया जाए। पहले दिन निर्देश का पालन नहीं किया गया तो संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव को चेतावनी दी गई। 13 को भी हड़ताल की घोषणा की गई तो संघ की कार्यकारिणी को ही निलंबित कर दिया गया।

आंदोलन रोकने पर बना असमंजस
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पांडेय ने कहा है कि कोर्ट भवन के लिए शुरू किया गया आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच न्यायालयीन कार्य से भी अधिवक्ता जुड़े रहेंगे। वहीं सोशल मीडिया पर अधिकांश अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि 23 अक्टूबर को जब अदालत खुलेगी तो वह तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराएंगे। संघ अध्यक्ष और वकीलों की अलग-अलग राय के चलते स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आंदोलन किस राह पर जाएगा।