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विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगते ही कर्मचारियों को चढ़ा बुखार

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कलेक्ट्रेट में बैठाया मेडिकल बोर्ड, परीक्षा के लिए पीडि़तों की लंबी कतार
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रीवा

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Rajesh Patel

Oct 17, 2018

Due to the dumping of power in the assembly elections, staffed fever

Due to the dumping of power in the assembly elections, staffed fever

रीवा. विधानसभा का चुनाव आया तो कई अच्छे खासे कर्मचारी भी बीमार हो गए हैं। चुनाव ड्यूटी से बचने चुनाव अफसरों को आवेदन देकर कहा, साहब दिल्ली में इलाज चल रहा है। लेकिन, कुछ ऐसे भी कर्मचारी हैं, जो वास्तव में चल फिर नहीं सकते। बैशाखी और कंधे के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्य गेट की सीढिय़ों का दर्द नहीं झेल सके। कुछ फफक पड़े तो कई फर्श पर तड़पते रहे।

मेडिकल बोर्ड ने शुरू किया चेकअप
कलेक्ट्रेट में बीमारी से जूझ रहे 150 से अधिक कर्मचारी पहुंचे। मेडिकल बोर्ड में डॉक्टरों से कहा, साहब सीने में दर्द हो रहा, हृदय रोग से पीडि़त हूं, दिल्ली से इलाज चल रहा है। लकवा लगने से चलने-फिरने में असमर्थ हूं, मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, कैंसर से तड़प रहा हूं.. आदि जैसी पीड़ा सुनवाई।

कलेक्ट्रेट की सीढिय़ां चढ़ कराह उठा कर्मचारी
मुख्य गेट पर मंगलवार दोपहर बाद 3.45 बजे बैशाखी के सहारे कर्मचारी सीढिय़ां चढ़ रहा पैर के दर्द से कराह उठा। आदेश देकर कहा, साहब विधानसभा चुनाव में मेरी ड्यूटी पीओ में लगा दी है जिसका प्रशिक्षण हो गया। मैं चुनाव ड्यूटी करने में सक्षम नहीं हूं, कारण दो वर्ष पूर्व मेरा एक्सीडेंट हो गया था। जिससे चल फिर नहीं सकता। बैशाखी से चलता हूं,मैं व्याख्याता हूं। मेरी ड्यूटी निरस्त कर दीजिए।

60 प्रतिशत विकलांग हूं...
मऊगंज से आए सहायक शिक्षक राजेश्वर प्रसाद पांडेय ने कहा, लकवा लगने से 60 प्रतिशत विकलांग हो गया हूं। राजेश कुमार सिंह ने कहा, दाहिना पैर टूट गया है। इसी तरह मनोज सक्सेना, सुरेश प्रसाद तिवारी, गोविंद प्रसाद द्विवेदी आदि ने मेडिकल बोर्ड के सामने अपनी पीड़ा बताई मेडिकल बोर्ड में देरशाम तक कर्मचारियों का चेकअप किया गया।
डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंचे थे हड्डी के डॉक्टर
कर्मचारियों की जांच कराने के लिए सीइओ जिपं मयंक अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट में मेडिकल बोर्ड स्थापित कर दिया है। मेडिकल बोर्ड में 4.30 बजे तक हड्डी के डॉक्टर नहीं आए। पहले दिन आवेदनों का परीक्षण किया गया। दूसरे दिन मंगलवार को सभी आवेदकों को चार बजे बुलाया गया। करीब पांच बजे डॉ आरआर मिश्र सहित दो चिकित्सक पहुंचे। डेढ़ घंटे तक हड्डी के डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। जिसको दूर-दूर से आए कर्मचारी परेशान रहे।

मैं फर्श से उठ नहीं सकता
कलेक्ट्रेट में मेडिकल बोर्ड के चेकअप के दौरान कई ऐसे कर्मचारी पहुंचे तो जो खड़े होने में असमर्थ थे। फर्श पर बैठे कर्मचारी उन अफसरों को कोस रहे थे, जिन्होंने ड्यूटी में उनका नाम भेज दिया। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभागों के बीमार कर्मचारियों ने बताया कि बाबुओं को पैसा नहीं दिया तो मेरा नाम चुनाव आयोग की साइट में दर्ज कर दिया।