
election-2018-rewa-madhya-pradesh
रीवा। कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने पुलिस अधीक्षक पर एक बार फिर बड़ा आरोप लगाया है। कहा है कि सत्ताधारी दल के इशारे पर वह गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने जून महीने में एसपी को पत्र लिखकर ३० व्यक्तियों का चरित्र सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था।
इसमें वह व्यक्ति शामिल हैं जो मीसाबंदी पेंशन योजना के लिए आवेदन कर चुके हैं। इसी में नृपेन्द्र सिंह निवासी ताला हाउस का भी नाम था, जिनके विरुद्ध कोई भी अपराध दर्ज नहीं होने का उल्लेख एसपी ने अपने प्रतिवेदन किया है। विधायक ने कलेक्टर द्वारा २८ सितंबर को एसपी को लिखे गए उस पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसमें कलेक्टर ने दोबारा प्रतिवेदन भेजने के लिए कहा है।
कलेक्टर के प्रतिवेदन का दिया हवाला
कलेक्टर ने एसपी के प्रतिवेदन पर आपत्ति जताई है कि नृपेन्द्र सिंह के संबंध में एक रिपोर्ट २५ मई २००८ को तत्कालीन एसपी ने भेजी थी, जिसमें उल्लेख किया गया था कि तीन एफआइआर उनके विरुद्ध दर्ज हो चुके हैं। एक ही कार्यालय से दो तरह की रिपोर्ट भेजे जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि जिन पुलिसकर्मियों ने झूठी रिपोर्ट बनाई है, उनके विरुद्ध कार्रवाई कर सूचित करें। विधायक तिवारी ने कहा कि इस तरह की लापरवाही नहीं साजिश एसपी के इशारे पर की जा रही है। पहले भी कई मामले ऐसे आ चुके हैं।
निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं
विधायक ने यह भी आपत्ति जताई है कि जिस तरह सत्ताधारी दल के इशारे पर एसपी कार्य कर रहे हैं, उससे निष्पक्ष चुनाव करा पाना मुश्किल है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से कर इन्हें हटाने की मांग करेंगे। इन आरोपों पर एसपी ने कहा है कि दस्तावेज के आधार पर रिपोर्ट भेजी गई है, यदि कोई संदेह है तो फिर से उसकी जांच की जाएगी।
Updated on:
15 Oct 2018 08:27 pm
Published on:
15 Oct 2018 08:27 pm
