3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP election 2018: बरगी या बाणसागर डैम से जरमोहरा बांध में पानी पहुंचे तो दूर हो जाए 84 गांवों में जलसंकट

पत्रिका अभियान मेरा वोट मेरा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित बैठक में महिलाओं एवं परुषों ने उठाए विभिन्न मुद्दे

3 min read
Google source verification
voting awareness program in Rewa

voting awareness program in Rewa

रीवा. किसानों की गाढ़ी कमाई पर अवैध खनन की धूल जम रही। नगर पंचायत से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में पानी का घोर संकट। वाणसागर का पानी, नाली या पाइप लाइन के जरिए शंकरजी तालाब में लाया जा सके तो पानी की समस्या हल हो सकती है। बरगी डैम या वाणसागर नहर से जरमोहरा बांध में पानी पहुंचे तो 84 क्षेत्र का पानी का संकट दूर हो जाए। लंबे समय से समस्या बरकरार है किसी ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। 84 गांव के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।

गांवों में भूलभूत सुविधाएं पानी, सड़क और शिक्षा की समस्याएं हर गांव में खड़ी है। सरकार की मनरेगा में भी गरीब परिवारों के बच्चों को रोजगार मुहैया नहीं हो सका। ये मुद्दे शुक्रवार दोपहर पत्रिका के स्लोगन 'मेरा वोट मेरा संकल्प' के तहत सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के चचाई ग्राम में बैठक के दौरान महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने रखे। महिलाओं ने विकास की कड़ी में सेमरिया में कन्या कॉलेज खोले जाने की भी बात कही।

patrika IMAGE CREDIT: patrika

गांवों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान नही
जिला मुख्यालय से पांच किमी बाद ही सेमरिया विधानसभा का क्षेत्र शुरू हो जाता है। क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा। जर्नादन तिवारी ने कहा कि बनकुंइया क्षेत्र में अवैध माइनिंग से किसानों की फसल चौपट हो रही है। जिसका आज तक मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।सुमन कोल ने कहा मनरेगा में मजदूरों को रोजगार नहीं मिलने से गरीब परिवार के युवाओं का पलायन बढ़ गया है।वहीं संदीप विश्वकर्मा का कहना था कि बरगी बांध एवं बाणसागर की नहरों के माध्यम से जरमोहरा डैम में पानी भरा जाए तो क्षेत्र के ८४ गांव की पानी की समस्या हल हो जाए।बैठक के दौरान विभा, शिवकली, सुभाष सहित दर्जनों की संख्या में महिलाएं और बेटियां मौजूद रहीं। सभी ने क्षेत्रीय मुद्दों को बेबाकी से उठाए।

स्थानीय लोगों ने बताई समस्याएं
... तो बढ़ जाएगी पैदावार
जरमोहरा डैम में पानी भरने से क्षेत्र के किसानों के खेत में फसल की पैदावार बढ़ जाएगी। कई साल से क्षेत्रीय नेताओं सहित सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आवेदन दिए गए, किसी ने एक नहीं सुनी। - रघुवंश सिंह

पानी का घोर संकट
सेमरिया के तराईअंचल के गरीब बस्तियों में पानी का घोर संकट है, लोगों के पीने के लिए पानी न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही क्षेत्रीय अमला। सरकार भी पानी के लिए ठोस व्यवस्था नहीं बना सकी है। - कौशल पटेल

गांव मुख्य मार्ग से नहीं जुड़े
क्षेत्र की सेमरिया नगर पंचायत को छोड़ दे तो दलित-आदिवासी गांव मुख्य मार्ग से नहीं जुड़ सके हैं। कई बार क्षेत्रीय नेताओं से लेकर विकास अधिकारियों को आवेदन दिया गया। किसी ने ध्यान नहीं दिया। - राजेन्द्र सिंह

नहीं मिल रहा राशन
गरीब बस्तियों में राशन का लाभ नहीं मिल रहा है। गरीबी रेखा के कार्ड के लिए लोग परेशान हैं। क्षेत्र में ऐसा कोई उद्योग नहीं लगाया गया है कि गरीब परिवारों को रोजगार मिल सके। - शिवेन्द्र सिंह लल्लू

ये भी समस्याएं
सड़क बनी नहीं टोल वसूली शुरू
रीवा से बाया सेमरिया होकर मानिकपुर मार्ग का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। सड़क का काम कई साल से बंद हैं लेकिन टोल वसूली धड़ल्ले से की जा रही है। यह इस क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है जो, यूपी को जोड़ता है।

न ब्लाक बना न एसडीएम कार्यालय
सेमरिया में एसडीएम कार्यालय एवं ब्लाक कार्यालय खुले तो समस्या हल हो।लेकिन अभी तक न ब्लाक बना और न ही एसडीएम कार्यालय। यहां के लोगों को राजस्व सहित अन्य सुविधाओं के लिए जर्जर रास्ते से होकर सिरमौर और रीवा जाना पड़ता है।

दस्यु समस्या से दहशत
सेमरिया का पश्चिमी और उत्तरी इलाका दस्यु समस्या से प्रभावित है। दस्यु प्रभावित गांव खटाई सहित अन्य आसपास के गांवों में डकैतों की दहशत रहती है। यहां पर पुलिस चौकी बनाई गई थी। लेकिन अब हटा ली गई है। जिससे डकैतों की धमक बनी रहती है।

ये प्रमुख मुद्दे आए सामने
० जरमोहरा डैम में पानी भरने से ८४ गांवों में सिंचाई की समस्या दूर हो सके
० अवैध खनन बंद कराया जाए, जिससे किसानों की खेती चौपट न हो।
० नगर निगम एरिया में पीठे पानी की आपूर्ति के लिए ठोस योजना बनाई जाए
० सेमरिया में उद्योग स्थापित किया जाए।
० मार्ग विहीन गरीब बस्तियों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाए।
० गरीब बस्तियों में गरीब परिवारों के राशन कार्ड बनाए जाए।
० पेयजल से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
० गांवों में लगाए गए हैंडपंपों की पाइप लाइन बढ़ाईजाए।
० सिंचाई का संसाधन बढ़ाया जाए।