
farmer cannot crop sowing due to rains in Rewa
रीवा। का बरखा जब कृषि सुखानी। पूर्वजों की यह कहावत किसानों पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है। मौसम की बेरुखी के चलते अबकी बार खरीफ में 40 फीसदी खेत खाली रह गए हैं। कृषि विभाग की ओर से निर्धारित बोवनी का लक्ष्य और अब तक हुई बोवनी के आंकड़े कुछ ऐसा ही बयां कर रहे हैं।
जिले में 40 फीसदी खेत अभी भी हैं खाली
कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो जिले में बोवनी के लिए कुल 2.74 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है लेकिन अब तक केवल 1.65 लाख हेक्टेयर में ही बोवनी हो सकी है। इस तरह से लक्ष्य की तुलना में अभी 40 फीसदी बोवनी बाकी है। जबकि बोवनी का समय खत्म हुए एक पखवाड़ा का समय बीत गया है।
किसी भी फसल में पूरा नहीं हुआ बोवनी का लक्ष्य
कृषि अधिकारियों से लेकर कृषि वैज्ञानिक तक बोवनी नहीं हो पाने के पीछे कई इलाकों में अपर्याप्त बारिश को वजह बता रहे हैं। इसके अलावा समय पर बारिश नहीं होने को भी बोवनी नहीं हो पाने का कारण माना जा रहा है। किसान अबकी बार धान व सोयाबीन के अलावा अरहर, उड़द व मूंग जैसी फसलों की बोवनी भी नहीं कर सके हैं।
जवा में जबरदस्त तरीके से प्रभावित हुई बोवनी
मौसम की बेरुखी के चलते जवा व मनगवां क्षेत्र में बोवनी सबसे अधिक प्रभावित हुई है। क्योंकि वहां जिलेभर में कम वर्षा हुई है। जिले में बारिश के दर्ज रिकॉर्ड की माने तो एक जून से लेकर अब तक 651.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में यह आंकड़ा 741.8 मिमी रहा है। जबकि सबसे अधिक वर्षा 752.9 मिमी हुजूर तहसील में दर्ज की गई है। जबकि जवा में सबसे कम बारिश ३३७ मिमी व मनगवां में ४८७.१ मिमी बारिश दर्ज की गई। रायपुर कर्चुलियान तहसील में 558 मिमी, गुढ़ में 733 मिमी, सिरमौर में 507.5 मिमी, त्योंथर में 621.6 मिमी, मऊगंज में 569 मिमी व हनुमना में 747.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
प्रमुख फसलों में बोवनी की स्थित
मौसम की बेरुखी के चलते एक भी फसल में बोवनी का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। धान में बोवनी का लक्ष्य 130000 हेक्टेयर है लेकिन बोवनी केवल 93030 हेक्टेयर में हुई है। इसी प्रकार उड़द का लक्ष्य 22500 हेक्टेयर और बोवनी 20357 हेक्टेयर है। मूंग की बोवनी का लक्ष्य 12500 हेक्टेयर व बोवनी 9570 हेक्टेयर, सोयाबीन में बोवनी का लक्ष्य 30000 हेक्टेयर व बोवनी 1340 हेक्टेयर है। अरहर में बोवनी का लक्ष्य 48000 हेक्टेयर निर्धारित है लेकिन बोवनी केवल 32830 हेक्टेयर में हुई है।
Published on:
30 Aug 2018 10:30 pm
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