
Government ban on dangerous pesticide, no sale in Rewa, will be action
रीवा। फसल को सुरक्षित करने के फेर में जाने-अनजाने किसानों की सेहत को नासाज करने वाले डेढ़ दर्जन कीटनाशकों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शासन स्तर से कीटनाशकों के नाम के साथ इस बावत आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक सूची में शामिल कीटनाशकों की बिक्री व उसके प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
प्रतिबंध के लिए निर्धारित हैं अलग-अलग तिथियां
शासन की ओर से कृषि वैज्ञानिकों को निर्देशित है कि उनकी ओर से किसानों को इन कीटनाशकों के प्रयोग का मशविरा नहीं दिया जाए। इसके अलावा कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सूची में शामिल कीटनाशकों की बिक्री को रोका जाए। पूर्व में इन कीटनाशकों की बिक्री के लिए जारी लाइसेंस को भी निरस्त माने जाने का निर्देश दिया गया है। विभिन्न कीटनाशकों पर प्रतिबंध की तिथि अलग-अलग निर्धारित की गई है।
किसानों की सेहत के लिए खतरनाक हैं कीटनाशी
कृषि विभाग के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की माने तो सूची में शामिल कीटनाशी ऐसे रसायन हैं, जो न केवल किसानों की सेहत को नासाज करते हैं। बल्कि जानलेवा भी शामिल होते हैं। कीटनाशी का प्रयोग किसानों में श्वास रोग, चर्म रोग व नेत्ररोग का कारण बनने के साथ ही प्राणघातक साबित होता हैं। प्रतिबंधित कीटनाशी बिक्री किए जाने वाले दवाओं का फॉर्मूला है। इन फार्मूले पर आधारित दवाएं अब बेची नहीं जा सकेंगी।
लंबे समय से उठ रही प्रतिबंध की मांग
सूची में शामिल कीटनाशी के बिक्री व प्रयोग पर प्रतिबंध को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। भारत के अलावा दूसरे देशों में यह कीटनाशी काफी पहले से प्रतिबंधित हैं। अब केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिए जाने के बाद राज्य शासन ने भी चिह्नित कीटनाशी को प्रतिबंधित कर दिया है। इस बावत संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रतिबंधित किए गए कीटनाशक
शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक बेनोमाइल, कार्बराइल, डायजिनोन, फेनारिमोल, फेंथिओन, निनुरोन, मेथॉक्सी इथाइल मरकरी क्लोराइड, मिथाइल पैराथिओन, सोडियम सायनाइड, थियोमेटोन, ट्राइडेमोर्फ, ट्राइफ्लूरेलिन, अलाक्लोर, डाइक्लोरोवस, फोरेट, फोस्फामिडोन, ट्रायजोफोस, ट्राइक्लोरोफॉर्म निर्माण, बिक्री व प्रयोग के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
Published on:
28 Aug 2018, 1:16 PM IST
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