
Employees against the government
रीवा. मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल उग्र हो गई है। गुरुवार को सरकारी दफ्तरों में ताला लगाकर सरकार उखाड़़ फेंकने का ऐलान किया है। अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन भी सरकारी कार्यालयों में पहुंचे पक्षकार और फरियादियों को फजीहत हुई। जिले के आला अफसर बाबूओं की हड़ताल के आगे तमाशबीन बने हुए हैं।
पेशी से बैरंग लौटे पक्षकार, आवेदन देने परेशान रहे फरियादी
गुरूवार सुबह ११ बजे अपर कमिश्नर न्यायालय में पेशी पर पहुंचे दर्जनभर पक्षकारों को बाबुओं ने यह कह कर लौटा दिया कि हड़ताल है। इसी तरह राजस्व अधिकारियों के विभिन्न कार्यालय के कर्मचारियों ने पक्षकारों और फरियादियों को वापस कर दिया। अनिश्चितकालीन हड़ताल के चौथे दिन कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न कार्यालय के पुरुष और महिला बाबू कोठी कंपाउंड स्थित कार्यालय के सामने धरना स्थल पर पहुंचे। संघ के नेताओं ने नाराज कर्मचारियों को भी शामिल करने के लिए वन विभाग सहित अन्य कार्यालय में भ्रमण किया।
शहर में वाहन पर लाउडस्पीकर लगाकर सरकार उखाड फेंकने कर रहे प्रचार
हड़ताल के चौथे दिन गुरुवार को अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे बाबू शहर में लाउड स्पीकर लगाकर वाहन से प्रचार कर रहे हैं मांगे पूरी नहीं हुई तो वे सरकार उखाड़ फेंकेगे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी और मांगों को पूरा करने के लिए नारे लगाए। इस मौके पर बीके शुक्ला, हीरामणि तिवारी, बलवंत प्रसाद पांडेय, कृष्णा सेंगर, किरण शुक्ला, ऊषा वर्मा, विष्णु प्रसाद, आरएस गड़ारी, उमेश कुमार पांडेय, बीबी सिंह, विनोद सेन, रामपाल नापित, सोमदत्त चतुर्वेदी, नीतेश पांडेय, आरएन गौतम, प्रशांत सिंह, राजेंद्र द्विवेदी, वियज शर्मा, बृजेंद्र पांडेय सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी रहे।
पदाधिकारियों को छोड़ घरेलू काम में जुटे बाबू
मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को छोड़ धरना स्थल पर ज्यादातर कर्मचारी नहीं जा रहे हैं। जबकि कार्यालय से वे गायब हैं। पूछने पर कई कर्मचारियों ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल के बहाने कुछ कर्मचारी घरेलू काम निपटा रहे हैं। कई कर्मचारी को धान का रोप लगवाने के लिए गांव चले गए हैं।
Updated on:
26 Jul 2018, 12:31 PM IST
Published on:
26 Jul 2018, 12:27 PM IST
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