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नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के धारकों को मिलेंगे भू अधिकार पत्र

नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि पर 31 दिसम्बर 2014 अथवा उसके पूर्व से आवास अथवा दुकान बनाकर काबिज पात्र व्यक्तियों को धारणाधिकार के तहत भू अधिकार पत्र दिये जायेंगे

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रीवा

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Rajesh Patel

Aug 06, 2021

रीवा. नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि पर 31 दिसम्बर 2014 अथवा उसके पूर्व से आवास अथवा दुकान बनाकर काबिज पात्र व्यक्तियों को धारणाधिकार के तहत भू अधिकार पत्र दिये जायेंगे। इसके लिये पात्र आवेदकों को कामन सर्विस सेंटर से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। भू अधिकार पत्र प्राप्त हो जाने पर भूमि धारक को अपने घर के निर्माण अथवा जीर्णोद्धार के लिये बैंको से आवास ऋण की सुविधा मिल सकेगी।

भू अधिकार पत्र दिये जायेंगे

अपर कलेक्टर इला तिवारी ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति अधिनियम 1984 के तहत भू अधिकार पत्र दिये जायेंगे। इस अधिनियम के तहत पात्र व्यक्तियों को ही भू अधिकार पत्र दिये जायेंगे। शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्ति के पास वर्ष 2014 से भूमि पर लगातार कब्जे के प्रमाणीकरण के लिये दस्तावेज उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। इसमें मकान अथवा दुकान के बिजली अथवा जल प्रदाय के बिल, शासकीय कार्यालय के द्वारा भूखण्ड के संबंध में जारी दस्तावेज, जनगणना 2011 में दर्ज पता, सम्पत्ति कर की रसीद अथवा मतदाता सूची में दर्ज नाम और पता को मान्य किया जायेगा।

30 वर्षों के लिये स्थायी पट्टे जारी किये जायेंगे
अपर कलेक्टर ने बताया कि आवासीय भूखण्ड के मामले पर पात्र हितग्राही को 150 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र के लिये वर्तमान बाजार मूल्य के 5 प्रतिशत के बराबर प्रब्याजि लेकर वार्षिक भू-भाटक तथा 200 मीटर तक के अतिरिक्त क्षेत्रफल के लिये वर्तमान बाजार मूल्य के 10 प्रतिशत बराबर ब्याज लेकर वार्षिक भू भाटक पर 30 वर्षों के लिये स्थायी पट्टे जारी किये जायेंगे। जिस भूमि के लिये आवेदन किया गया है उस पर बने आवास में 25 वर्षों से निरंतर निवास करना आवश्यक है।

कब्जे पर पट्टा नहीं दिया जायेगा

केवल भूमि के कब्जे पर पट्टा नहीं दिया जायेगा। जिन व्यक्तियों को पूर्व में भूखण्ड आवंटन का लाभ मिल चुका है उन्हें भी इस योजना की पात्रता नहीं होगी। निर्धारित प्रपत्र में ऑनलाइन आवेदन करने के बाद समस्त आवेदन पत्रों की जांच कर सत्यापन किया जायेगा। सत्यापन के बाद उनके संबंध मंर दावे आपत्तियां ली जायेंगी। उनके निराकरण के बाद स्थायी पट्टे जारी किये जायेंगे।