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रीवा में तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, फसलें चौपट

रीवा. जिले में पिछले तीन दिन से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। मंगलवार को भी जिलेभर में दोपहर तेज बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि हुई जिससे रही-सही फसल भी नष्ट हो गई है और किसानों की गाढ़ी मेहनत पर पानी फिर गया है। उधर प्रशासन अभी तक नष्ट हुई फसल का सर्वे तक नहीं शुरू करा पाया है। जिसके चलते लोगों में आक्रोश भी है।

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Hail accompanied by heavy rains in Rewa, crops destroyed

Hail accompanied by heavy rains in Rewa, crops destroyed

अचानक हुई तेज बारिश एवं ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल के साथ ही खलिहान में रखी फसल भी खराब हो गई है। जिले के सिरमौर, सेमरिया से लेकर डभौरा, जवा, त्योंथर, रायपुर सोनौरी, गुढ़, गोविंदगढ़, कटरा, देवतालाब, मनगवां, शाहपुर आदि क्षेत्रों में बारिश के साथ ही ओले गिरे। तराई अंचल में तो ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि गेहूं की फसल भी इस बार नहीं बच पाई।

ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसानए अरहर, सरसों, चना, राई, मसूर, चना के साथ ही सब्जियां तो नष्ट हुई ही गेहूं की फसल भी खराब हो गई। किसान भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि गेहूं खेतों में गिर गया है जिससे अब उसकी बाली में दाने नहीं आ पाएंगे। इन क्षेत्रों में असमय बारिश और ओलावृष्टि से पूरी तरह से किसन बर्बाद हो गया है और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।

सब्जी व आम की फसल भी चौपट
बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि में जिले में सब्जी-भाजी की खेती को भी भारी नुकसान हुआ है। यहां तक कि प्याज भी पूरी तरह से खराब हो गई है। वहीं ओलावृष्टि से आम की फसल भी चौपट हो चुकी है। आम के बौर पूरी तरह से झड़ गए हैं, जिससे किसानों को इस वर्ष भारी नुकसान उठाना होगा। जिले में भारी पैमाने पर आम की उपज होती है।

कलेक्टर त्वरित संज्ञान लें
विधायक नागेन्द्र सिंह ने कहा कि असमय बारिश और ओलावृष्टि से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। कलेक्टर इस मामले को त्वरित संज्ञान लेकर किसानों के फसल नुकसानी का सर्वे कराएं। पटवारी मौके पर पहुंचकर नुकसानी का सही आकलन करें। जिससे जल्द से जल्द किसान के नुकसान की भरपाई हो सके।

कैसे होगा बेटी का ब्याह
बेटी के हाथ पीले करने हैं, कार्यक्रम तय करके रखा है। लेकिन अब ओलावृष्टि ने सपनों पर पानी फेर दिया है। फसल तैयार होती तो बेंच कर बेटी का विवाह करने का सपना था, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा क्या करें।
-राजेश तिवारी, किसान