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रीवा में हवाला : कारोबारियों ने जमीन खरीदकर फेक खाते के जरिए 5 करोड़ का किया भुगतान

इओडल्ब्लयू ने प्रारंभिक जांच में एक दर्जन कोरोबारियों को जारी की नोटिस

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रीवा

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Rajesh Patel

Aug 21, 2021

Hawala racket

लोहा कारोबारी के घर से 6 करोड़ कैश मिलने के बाद आयकर विभाग ने किया एक और खुलासा

रीवा. शहर में कालेधन को सफेद करने का खेल नोटबंदी के पहले से चल रहा है। बैंंकों में फेंक आइडी के खातों के जरिए 210 करोड़ रुपए से अधिक के हवाला और बेनामी संपत्ति का मामले की परत दर परत खुलने लगी है। इओडब्ल्यू ने प्रारंभिक जांच के दौरान फेंक खाते में बड़े एमाउंट के ट्रांजेक्शन के मामले में एक दर्जन से अधिक को नोटिस जारी की है। नोटिस मिलने के बाद शहर के बड़े कारोबारियों में हड़कंप मचा है।

फेक आइडी से आइसीआइसीआई में खोले गए
शहर के आइसीआइसीआई बैंक में डभौरा सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े तार के चलते सैकड़ो करोड़ का हवाला जैसा मामले सामने आया है। सीआइडी के प्रारंभिक जांच के दौरान शहर में गोर्वधन सेठ और शंकर लाइट नाम के कारोबारियों समेत सैकड़ो की संख्या में कारोबारियों ने फेक आइडी से आइसीआइसीआई में खोले गए ओम इंटर प्राइजेज के खाते के जरिए प्रापर्टी खरीदने का मामला सामने आया है।

एक दर्जन कारोबारियों को नोटिस

जांच रिपोर्ट के अनुसार शहर के बुढ़वा पेट्रोल पंप के निकट पांच करोड़ रुपए से अधिक कीमत की जमीन की प्लाटिंग की जा रही है। जिसमें कारोबारियों ने नंबर एक में महज पचास लाख रुपए का भुगतान भू-स्वामियों के अलग-अलग नाम से किया है। जबकि अरिक्ति पैसे का भुगतान फेंक आइडी के जरिए खोले गए खाते से किया गया है। इसी तरह इओडब्ल्यू की ओर से शहर के एक दर्जन से अधिक बड़े कारोबारियों को नोटिस जारी की गई है। जिसमें कारोबारियों ने प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में फैक्ट्रियों, कंपनियों और बड़े संस्थाओं से कपड़े आदि की खरीदारी के दौरान भुगतान किए हैं।

टैक्स बचाने के लिए भी किया गया भुगतान
शहर में शिल्पी प्लाजा समेत पॉश एरिया में बड़े कारोबारियों ने व्ययासाय के दौरान टैक्स बचाने के लिए भी कपड़ा कारेाबारियों को फेंक आइडी के जरिए खोले गए खाते में पैसे भेजे गए हैं। नोटबंधी के पहले से फेंक आइडी के जरिए करोड़ों रुपए इधर, उधर किए जा रहे हैं। जिसमें कर चोरी कर बड़े पैमाने पर खजाने को झटका दिया जा रहा है।

वर्जन
प्रारंभिक जांच के दौरान आठ से दस को नोटिस जारी की है। मामले में अलग-अलग तरह के भुगतान के मामले आ रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
वीरेन्द्र जैन, एसपी, इओडब्ल्यू