7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रीवा शहर में अवैध कालोनी बसाने वालों पर सख्ती, कोर्ट में मामला दायर करेगा निगम

शहर की अवैध कालोनियों का कोर्ट में वाद दायर करेगा निगम-नगर निगम आयुक्त ने एफआइआर दर्ज कराने के लिए दो पुलिस राजपत्रित अधिकारियों की ड्यूटी लगाने लिखा पत्र- शहर में 12० अवैध कालोनियों के नियमती की चल रही है कार्रवाई

3 min read
Google source verification

रीवा

image

Mrigendra Singh

Sep 24, 2019

rewa

illegal colony in rewa, action of nagar nigam


रीवा। शहर के कई हिस्सों में तेजी के साथ विकसित की गई अवैध कालोनियों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई की मुहिम शुरू की है। लगातार दी जा रही नोटिस के बावजूद कालोनाइजर्स द्वारा अवैध रूप से प्लाट बेचे जा रहे हैं, साथ ही मकान बनाकर भी बिक्री की जा रही है। इसलिए अब नगर निगम ने ऐसे कालोनाइजर्स के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी की है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि दो ऐसे वरिष्ठ अधिकारी इसके लिए नियुक्त किए जाएं ताकि जिन लोगों द्वारा अवैध कालोनियां विकसित कराने का कार्य किया जा रहा है उनके विरुद्ध कोर्ट में वाद दायर किया जा सके।

शहर में एक अनुमान के तहत करीब तीन सौ से अधिक की संख्या में अवैध कालोनियां विकसित हो चुकी हैं। इनमें 120 अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए बीते साल प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। इनका विकास प्लान भी तैयार किया गया, इसी बीच हाईकोर्ट ने सरकार की इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों के संरक्षण में अवैध कालोनियां विकसित की गई उनके विरुद्ध भी विभागीय तौर पर कार्रवाई की जाए, साथ ही निगम आयुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वह अवैध कालोनाइजर्स के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के लिए अन्य आवश्यक कार्रवाई कराएं।


- अधिनियम का भी दिया हवाला
नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में नगर पालिक निगम अधिनियम १९५६ की धारा ३९६ में वर्णित प्रावधानों का हवाला दिया है। जिसमें प्रावधान है कि निगम आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी पुलिस अधिकारी के सहयोग से न्यायालय के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत कर सकेगा। इसलिए निगम आयुक्त ने पत्र में यह भी कहा है कि जो पुलिस अधिकारी भेजे जाएं वह निरीक्षक स्तर से कम नहीं हों।


- कालोनियों के अधिग्रहण की चेतावनी भी निगम ने दी
नगर निगम आयुक्त की ओर से अब तक करीब दर्जन भर से अधिक कालोनाइजर्स को नोटिस दी जा चुकी है। इन नोटिस में उल्लेख है कि जहां पर अवैध कालोनियां बसाई जा रही हैं, वहां पर निगम की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई और शासन के नियमों की भी अवहेलना की जा रही है। इसलिए कालोनाइजर्स अपना पक्ष प्रस्तुत करें, कोई ठोस जवाब नहीं नहीं मिलने की स्थिति में अवैध कालोनियों को नगर निगम अधिग्रहित कर अपने कब्जे में लेगा और नए सिरे से व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी।

कुछ दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त की ओर से राकेश प्रभाकर पाण्डेय अध्यक्ष एवं राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला सचिव युग शिल्पी शिक्षा समिति नेहरू नगर को नोटिस जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि हुजूर तहसील के अनंतपुर में कालोनी विकसित की गई है लेकिन निगम की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई है। इसी तरह राजकुमारी मिश्रा पति स्व. महेश प्रसाद मिश्रा बजरंग नगर ने भी बिना वैधानिक स्वीकृति के प्लाट एवं कालोनी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की है। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (क) एवं 292 (ख) में वर्णित प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292(ग) अनुसार दण्डात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी तथा कालोनी का प्रबंधन निगम अपने हाथ में ले लेगा।


- मोहल्लों में तेजी के साथ चल रहे निर्माण
एक ओर नगर निगम प्रशासन अवैध कालोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर मोहल्लों में तेजी के साथ निर्माण कार्य भी प्रारंभ किए गए हैं। नगर निगम की ओर से इन्हें कोई अनुमति नहीं दी गई है। निगम के जो इंजीनियर और कर्मचारी वार्डों में कार्य कर रहे हैं, उनकी मिलीभगत भी सामने आ रही है। इसकी शिकायतें भी निगम आयुक्त के पास पहुंच रही हैं।
--

शहर में बड़़ी संख्या में अवैध कालोनियां विकसित की जा रही हैं। अधिनियम में प्रावधान है कि पुलिस अधिकारी की सहायता लेकर मामला कोर्ट में दायर किया जा सकता है। इसी के तहत पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम