
Immense potential of agro based food products industries in Rewa
रीवा. भारत सरकार की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिड़ा), एमएसएमई और जिला उद्योग केन्द्र के संयुक्त अगुवाई में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान कमिश्नर अनिल सुचारी ने कहा कि किसी भी देश का निर्यात बढऩे से अर्थ व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि जिले में अधोसंरचना विकास तथा कृषि के क्षेत्र में बहुत कार्य हुए है। उद्योग स्थापना के लिए फ्रेंडली माहौल है जिसका लाभ लेकर नवीन उद्योगों की स्थापना में भागीदार बन सकते हैं। जिला औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में तेजी से उभरता हुआ विन्ध्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण केन्द्र है। उद्योगों की स्थापना की अपार संभावनाएं हैं।
सुंदरजा आम, सुपाड़ी खिलौने की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग जरूरी
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि रीवा जिले में बाणसागर की नहरों से सिंचाई की सुविधाओं में तेजी से विकास हुआ है। कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसान समृद्ध हुए हंै। कृषि उत्पादन एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना हो। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद के तहत आम की सभी प्रजातियों व सुंदरजा आम एवं सुपाड़ी के खिलौने की अन्र्तराष्ट्रीय स्तर ब्राांडिंग हो और इनको पहचान मिले।
उत्पादों को जीआई टैग करें, अन्र्तराष्ट्रीय पहचान मिलेगी
सहायक महाप्रबंधक एवं प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय कार्यालय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण भोपाल प्रशांत बाघमोर ने खाद्य उत्पादों के की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपनी धरोहरों व उत्पादों को जीआई टैग कराकर अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करने की बात कही। सहायक निदेशक एमएसएमई इंदौर नीलेश त्रिवेदी ने पावर प्वाइंट के के जरिए निर्यात की संभावनाओं की जानकारी दी। सहायक प्रबंधक अन्र्तराष्ट्रीय व्यापार पीतांबर सेरेलेक्स प्रा. लिमि. भोपाल कु. अंजली सोनी द्वारा बासमती एवं गैर बासमती चावल के निर्यात प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. अंकिता पाण्डेय, सीए प्रशांत जैन ने भी अपने अनुभव व मार्गदर्शन उद्यमियों को दिए।
निर्यात बढऩे से कृषि आय होगी दो गुना
महाप्रबंधक उद्योग यूबी तिवारी ने जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के मांग आधारित उद्यम स्थापना में भी सहायक होगी। उन्होंने कहा कि कृषि से आय दुगनी तभी होगी जब कृषि उत्पादों का निर्यात हों। कार्यशाला में संबंधित विभागीय अधिकारी सहित उद्यमी उपस्थित रहे। इस दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा उद्यमियों की समस्याओं एवं सुझावों पर भी वन टू वन चर्चा की गई।
Published on:
28 Aug 2021 09:22 am
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