19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत पर चढ़ने की रस्सी बन गई फांसी का फंदा, बच्चे की दर्दनाक मौत

मौत कैसे-कैसे बहाने लेकर आती है यह बात उस समय फिर साबित हो गई जब एक बच्चा खेल-खेल में ही अपनी जान गंवा बैठा. रस्सी के सहारे घर की छत पर चढऩे की कोशिश में इस बच्चे के गले में फंदा लग गया। गले में फंदा कस जाने से उसे सांस लेने में दिक्कत हुई और अंततः उसकी मौत हो गई.

less than 1 minute read
Google source verification

रीवा

image

deepak deewan

Nov 09, 2022

rewa_accident.png

रीवा. रीवा-सतना क्षेत्र में इन दिनों लगातार हादसे हो रहे हैं. इन हादसों में कई लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे ही कुछ जानलेवा हादसे फिर सामने आए. रीवा में एक हादसे में एक मासूम ने अपनी जान गंवा दी वहीं सतना में हुए एक हादसे में एक डाक्टर की मौत हो गई.

मौत कैसे-कैसे बहाने लेकर आती है यह बात उस समय फिर साबित हो गई जब एक बच्चा खेल-खेल में ही अपनी जान गंवा बैठा. रस्सी के सहारे घर की छत पर चढऩे की कोशिश में इस बच्चे के गले में फंदा लग गया। गले में फंदा कस जाने से उसे सांस लेने में दिक्कत हुई और अंततः उसकी मौत हो गई.

जानकारी के अनुसार भिटवा गांव में यह हादसा हुआ. गांव के अजय कुमार के घर की छत पर चढऩे को सीढ़ी नहीं थी। एक रेलिंग में बंधी रस्सी के सहारे उनका बेटा नैतिक चतुर्वेदी छत पर चढऩे की कोशिश कर रहा था। तभी रस्सी उसके गले में फंस गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई। 13 साल के नैतिक की इस दर्दनाक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है.

सड़क हादसे में डॉक्टर की मौत
इधर सतना में अज्ञात वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार आयुष चिकित्सा अधिकारी धर्मेंद्र किशोर वाजपेयी की मौत हो गई। हादसा सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत सितपुरा छींदा मोड़ पर हुआ। वाजपेयी एक पैलेस में हुई पार्टी के बाद स्कूटी से सतना लौट रहे थे। इसी बीच किसी वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। डॉ वाजपेयी मूलतः ग्वालियर के निवासी हैं। वह सतना में रहते थे।