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भूमि घोटाला उजागर करने वाले को बनाया आरोपी,  16 वर्ष बाद अदालत ने कहा-कोई दोष नहीं, जानिए क्या है मामला

तत्कालीन कलेक्टर, तहसीलदार आदि की भूमिका पर बाबू ने उठाए थे सवाल, मुकदमा लड़ते-लड़ते सेवा से बर्खास्त और सेवानिवृत्ति की आयु पूरी कर चुका है कर्मचारी

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Land scam news

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रीवा. जिले के बहुचर्चित हनुमना भूमि घोटाले में आरोपी बनाए गए राजस्व विभाग के बाबू को 16 साल बाद न्यायालय ने कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला कई वर्षों से लगातार सुर्खियों में रहा है। कई रसूखदार लोगों पर एफआइआर दर्ज की गई। विधानसभा में भी कईबार इसकी गूंज सुनाई दे चुकी है।

कूटरचित दस्तावेज बनवाए
हनुमना तहसील में प्रवाचक सहायक ग्रेड-३ रहे काशी प्रसाद दुबे ने बताया कि उनकी पदस्थापना के पूर्व सगरा खुर्द और टटिहरा गांव में सरकारी भूमि के लोगों ने अपने नाम पर नामांतरण करा लिया और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में तहसील के कर्मचारियों की भूमिका प्रमुख रही। वह जब पहुंचे तो मामला संज्ञान में आया तो जानकारी अधिकारियों को दी। जहां से कोई कार्रवाईकरने की बजाय चुप रहने के लिए कहा गया। इसी बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मामला उठाया और क्षेत्रीय विधायक ने सीएम से शिकायत की। जहां से जांच के निर्देश दिए गए, एक प्रकरण हनुमना थाने में दर्ज किया गया। वहीं इओडब्ल्यू ने भी जांच की और 11 लोगों एफआइआर दर्ज किया। शुरू में सरकारी गवाह बनाया गया और बाद में अधिकारियों के दबाव में आरोपी बना दिया गया। आइपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत लगाए गए आरोप जांच एजेंसी सिद्ध नहीं कर पाई, जिसके चलते न्यायालय ने दोषमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

सेवा से हुए बर्खास्त, कोर्ट में खुद की पैरवी
काशी प्रसाद ने बताया कि भ्रष्टाचार का खुलासा करने की सजा यह मिली कि पहले निलंबन फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। लगातार इसका कारण पूछते रहे लेकिन विभाग नहीं बता पाया। इसी बीच सरकारी गवाह से आरोपी बना दिया गया। संघर्षकरने के दौरान ही अर्धवार्षिकी आयु पूरी हुईऔर सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने बताया कि विधि की डिग्री पहले ही ले ली थी, इसी दौरान अधिवक्ता के तौर पर पंजीयन कराया और मामले की पैरवी स्वयं अदालत में की। अब पेंशन और स्वत्व के लिए पैरवी करेंगे।

तत्कालीन कलेक्टर पर हो कार्रवाई
मामले में काशी प्रसाद के साथ मीडिया के सामने आए शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू ने भी कहा हैकि हनुमना भूमि घोटाले में तत्कालीन कलेक्टर एसके मिश्रा सहित अन्य प्रमुख आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्जकिया गया था। हनुमना थाने की पुलिस ने अब तक चालान पेश नहीं किया है। मिश्रा को सरकार ने बड़ी जवाबदेही दे रखी है। उन्होंने कहा कि मामले में हीलाहवाली की जाएगी तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर आंदोलन करने को विवश होगी।