
Land will be given to landless people Know how
रीवा. नया साल भूमिहीनों के लिए अच्छी खबर ले कर आया है। सबकुछ योजना के तहत हुआ तो भूमिहीन गरीबों का स्लोगन 'जो जमीन सरकारी है, वह जमीन हमारी है' का सपना सच साबित होगा। सरकार ने सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रहने वाले गरीबों को भूमि अधिकार का प्रमाण-पत्र देने के आदेश को हरीझंडी दे दी है।
योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गए अधिकारी
शासन के निर्देश पर राजस्व अधिकारी योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व अरुण पांडेय के द्वारा तीन जनवरी को जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में भूमिहीनों को सरकारी गैर सरकारी जमीनों का मालिकाना हक देने के लिए तिथि घोषित कर दी गई है। भूमिहीन गरीबों के आंदोलन और मुख्यमंत्री घोषणा के बाद सरकार भूमिहीनों को आवासीय पट्टा दिए जाने की समय सीमा निर्धारित कर दिया है।
गरीबों को दिया जाएगा भूमि अधिकार पत्र
प्रमुख सचिव राजस्व ने कलेक्टर को पत्र भेज कर 26 जनवरी से सर्वे कराने का निर्देश दिया है। ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन गरीबों को आवासीय भू-खंड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा जो गरीब सरकार जमीन या जिनी जमीनों पर लंबे समय से आवास बनाकर रहे हैं उन्हें भूमि अधिकार पत्र दिया जाएगा। ग्राम पंचायत की सार्वजनिक स्थलों को छोड़ गांव की बाकी दखलरहित जमीन या जिस जमीन पर लंबे समय से वर्ष 2014 तक निवास कर रहे हैं उन जमीनों को शामिल किया जाएगा।
पटवारियों से प्रतिवेदन के आधार पर भूमिहीन गरीबों को चिह्नित किया जाएगा
सरकारी जमीनों के सर्वे के लिए संबंधित क्षेत्र के पटवारियों से प्रतिवेदन के आधार पर भूमिहीन गरीबों को चिह्नित किया जाएगा। निजी जमीन पर रहने वाले गरीबों के लिए एसडीएम स्तर पर कार्रवराई की जाएगी। जबकि सरकारी जमीनों का पट्टे दिए जाने की कार्यवाही तहसीलदार स्तर पर की जाएगी।
ऑनलाइन मॉनीटरिंग निराकृत आवेदनों की जानकारी
शासन ने आयुक्त भू-अभिलेख को निर्देश दिया है कि भूमिहीनों के आवेदनों के निराकरण के बाद ऑनलाइन जानकारी अपलोड की जाएगी। स्वीकृत प्रकरणों की मॉनीटरिंग ऑनलाइन की जाएगी। बंदोबस्त पृथक से इस कार्य के लिए वेब पोर्टल निर्मित करते हुए दिशा निर्देश जारी करेंगे।
2011 से 2014 तक बढ़ाई समय सीमा
सरकार ने भूमिहीन गरीबों को सरकारी जमीनों पर आवासीय पट्टा देने के लिए पहले से निर्धारित समय 2011 को बढ़ाकर 2014 कर दिया है। शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार मध्य प्रदेश की दखलरहित भूमि (विशेष उपबंध) अधिनियम 1970 है, इस अधिनियम में राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 2016 में किए गए संशोधन के अनुसार धारा 3 एवं 5 में दी गई तिथि 31 दिसंबर 2016 के स्थान पर 31 दिसंबर 2014 प्रस्थापित की गई है।
26 जनवरी से पंचायतों में जमा होंगे आवेदन
ग्राम पंचायतों में 26 जनवरी को सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। इसी दिन संबंधित क्षेत्र का पटवारी पंचायतों के माध्यम से भूमिहीनों से आवेदन लिए जाएंगे। सर्वे और आवेदन लेने की प्रक्रिया 26 जनवरी से 28 फरवरी तक चलेगी। सभी आवेदनों की जांच 31 मार्च को होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 अप्रैल को विशेष अभियान चलाकर प्रमाण-पत्र वितरा किया जाएगा।
लंबित सीमांकन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय में फसल के कटाई के पत्रक सहित राजस्व के अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान एसएलआर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर सीमांकन की लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं खरीफ फसल के पत्रक जमा करने के निर्देश दिए गए है। एसएलआर ने एक सप्ताह निर्देश दिया है कि सीएम हेल्पलाइन पर लंबित नाराजगी जताई। एसएलआर ने सभी आरआई को एक सप्ताह के भीतर लंबित सीमांकन करने का आदेश दिया है। इस दौरान जवा, डभौरा, अतरैला और त्योंथर के राजस्व निरीक्षकों को फटकार भी लगाई गई है।
Updated on:
06 Jan 2018 01:12 pm
Published on:
06 Jan 2018 12:42 pm
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