8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रुकरुककर जलने और अपने आप बंद हो रहीं एलइडी स्ट्रीट लाइट, जानिए किस तरह खुल रही गुणवत्ता के दावों की पोल

प्रोजेक्ट के शुरुआत में ही आ रही शहरभर से शिकायतें, निगम अधिकारी परेशान

3 min read
Google source verification
LED Street Light

LED Street Light : Complaints coming in the beginning of the project

रीवा. शहर में स्ट्रीट लाइट बदलकर नईएलइडी लाइट लगाने का अभी कार्य पूरा नहीं हुआ है कि शिकायतों का अंबार भी लगने लगा है। स्ट्रीट लाइट कुछ जगह अपने आप बंद हो गई है तो कई ऐसी शिकायतें भी आई हैं जहां पर रुकरुक कर जल रही है। करीब दर्जनभर से अधिक वार्डों से शिकायतें निगम अधिकारियों के पास पहुंची हैं। जिस पर जांच के लिए टीमें भी वार्डों में भेजी गईहैं। आधे से अधिक शहर में इस तरह की समस्या है, जबकि नई लाइट की गुणवत्ता को लेकर कई दावे किए गए हैं कि पूर्व में लगाई गईस्ट्रीट लाइट से कम बिजली खपत करने के साथ ही अधिक रोशनी भी इससे फैलेगी। रोशनी तो पहले से बेहतर बताईजा रही है लेकिन खराबी भी लगातार आ रही है। बताया गया हैकि नगर निगम ने पॉवर एनर्जी सेविंग मॉडल पर ऐसी स्ट्रीट लाइट लगाने की अनुमति दी है जो कम मात्रा में बिजली की खपत करती है।

लगातार आ रही शिकायतें
एलइडी स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट भारत सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिशएंसी सर्विसेज लिमिटेड (इइएसएल) के माध्यम से एनर्जी सेविंग मॉडल पर काम शुरू हो गया है। शहर में 15 हजार 76 5 खंभों में 15 हजार स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं, जिन्हें हटाकर इइएसएल नए सिरे से लाइट लगाने का काम कर रही है। लगातार इस पर शिकायतें आ रही हैं कि लाइट बंद हो रही हैं। एक ओर इसके प्रकाश को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है, पुरानी स्ट्रीट लाइट की अपेक्षा अधिक प्रकाश दे रही हैं वहीं कुछ दिनों की खराबी के बाद बंद होने से लोगों में नाराजगी भी बढऩे लगी है। शहर में कंपनी आगामी सात वर्षों तक इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी। जिसके तहत लगाईजा रही स्ट्र्रीट लाइट के मेंटेनेंस की व्यवस्था भी कंपनी देखेगी। बताया गया हैकि इस प्रोजेक्ट की लागत 9.91 करोड़ रुपए है। आगामी सात वर्षों तक मेंटेनेंस के काम में कुल 21 करोड़ रुपए कंपनी खर्च करेगी। निगम हर साल मेंटेनेंस के लिए दो करोड़ रुपए कंपनी को भुगतान करेगा।

सभी वार्डों से फिर मांगी रिपोर्ट
कुछ दिन पहले भी वार्डों से आ रही शिकायतों के बाद नगर निगम के इंजीनियरों ने शहर का भ्रमण कर यह जानकारी जुटाई थी कि कितने स्थानों पर बिजली खराब है। अब फिर से वार्डों से रिपोर्टमंगाईजा रही है। पूर्वमें बारिश चल रही थी इस वजह से कहा गया था कि बारिश के चलते कनेक्टर खराब हो रहा है लेकिन अब बारिश भी रुकी हुई है। ऐसे हाल में यह जांच की जा रही है कि किस वजह से ठीक तरीके से एलइडी लाइट नहीं जल रही है।

शिकायत के साथ वीडियो भी भेज रहे लोग
जानकारी मिली हैकि कुछ शिकायतों को यह कहते हुए नजरंदाज किया गया कि वह झूठी हैं। जिसके चलते कईवार्डों में स्ट्रीट लाइटके ब्लिंक करते हुए वीडियो पेश किए गए हैं। ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किए गए हैं। वार्ड१५ के पार्षद अशोक पटेल ने बताया कि समान तिराहे से रतहरा तक की लाइट खराब है, कई बार शिकायत की गईपर कोई कार्रवाईनहीं हुईहै।

बदलने के नाम पर कर रहे चोरी
कुछ वार्डों से यह भी शिकायतें आईहैं कि कंपनी के कर्मचारी बनकर युवक स्ट्रीट लाइट की चोरी कर रहे हैं। वार्ड नौ के विभीषण नगर में स्थानीय लोगों ने दो युवकों को स्ट्रीटलाइट खोलते समय पकड़ा और पूछताछ की तो पता चला कि ये न तो निगम के कर्मचारी हैं और न ही कंपनी के हैं। इस वजह से उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पकड़े गए युवक की पहचान लंगू के नाम पर की गईहै। इसने स्वीकार किया हैकि मोहल्ले के कुबेर तालाब रोड, पुरानी बस्ती, निराला नगर आदि में 22 एलइडी निकाल चुका है। पुलिस ने भी इसे छोड़ दिया है, कोई कार्रवाईनहीं की है। इसी तरह पडऱा, पुष्पराज नगर, रतहरा, चिरहुला आदि से भी स्ट्रीट लाइटगायब होने की जानकारी मिली है।