
Malaria
रीवा. जिले में हाईरिस्क मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के पहले चरण काम पूरा हुआ। पहले चरण में 48 हजार 825 लोगों को मलेरिया ऑफ.-200 दवा खिलाई गई। अभियान के दौरान 22 हजार 432 पुरूष, 19 हजार 278 महिलाओं और 7115 बच्चों को मलेरिया ऑफ.-200 दवा खिलाई गई। जिला आयुष अधिकारी डॉ. नीरजा शुक्ला ने बताया कि विकास खण्ड जवा, त्योंथर, सिरमौर, नईगढ़ी और रायपुर कर्चुलियान के 16 गांवों में मलेरिया ऑफ.-200 दवा वितरित की गई
जिले के 16 गांवों में दी गई मलेरिया की दवा
जिले में हाईरिस्क मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के पहले चरण काम पूरा हुआ। पहले चरण में 48 हजार 825 लोगों को मलेरिया ऑफ.-200 दवा खिलाई गई।जिला आयुष अधिकारी डॉ. नीरजा शुक्ला ने बताया कि विकास खण्ड जवा, त्योंथर, सिरमौर, नईगढ़ी और रायपुर कर्चुलियान के 16 गांवों में मलेरिया ऑफ.-200 दवा वितरित की गई। मलेरिया की रोकथाम के लिए आयुष विभागए, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त समन्वय से जिले में मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस औषधि के सेवन कराने का उद्देश्य मलेरिया रोग के प्रति शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाना है। मलेरिया ऑफ. 200 दवा लेने से मलेरिया रोग होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। यह कार्यक्रम दो चरणों में संचालित किया जा रहा है।
दूसरा चरण सितंबर में चलेगा मलेरिया आफ.-200 दवा
जिले में हाईरिस्क मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के पहले चरण काम पूरा हुआ। पहले चरण में 48 हजार 825 लोगों को मलेरिया ऑफ.-200 दवा खिलाई गई। प्रथम चरण में पहला डोज में 15769, द्वितीय डोज में 16636 एवं तृतीय डोज में 16420 लोगों को मलेरिया आफ.-200 दवा सेवन करायी गई। उन्होंने बताया कि दूसरा चरण 11 और 18 एवं 25 सितम्बर को चलाया जाएगा। अभियान के लिए डॉ. भास्कर तिवारी को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में हाईरिस्क मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के पहले चरण काम पूरा हुआ।
Published on:
20 Aug 2019 12:37 pm
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