28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सहकारी बैंक घोटाले में 5.30 करोड़ का मेन्युअल घोटाला, जांच के दौरान छह नए केस

सीआइडी डीएसपी की विवेचना में डभौरा बैंक घोटाले में सामने आए छह नए मामले, जांच के दौरान सीआइडी व पुलिस ने डभौरा, जवा, सेमरिया, गोविंदगढ़ सहित अन्य सहकारी बैंकों के मामले में भी दजज़् कराया प्रकरण

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Rajesh Patel

Aug 18, 2021

On the news of the patrika , the investigation of the land scam was ha,

manual scam of 5.30 crore in co-operative bank dabhaura scam

रीवा. सहकारी बैंक डभौरा में संड्रीज घोटाला के बाद अब साढ़े पांच करोड़ का मेन्युअल घोटाला सामने आया है। सीआइडी की विवेचना के दौरान नए घोटाले की सूचना से सहकारिता विभाग में अफरा-तफरी मची है। जांच के दौरान डभौरा घोटाले के मास्टर माइंड रामकृष्ण मिश्रा का नेटवकज़् गोविंदगढ़, जवा, सेमरिया वीणा शाखा से भी जुड़े हैं। जिसमें साढ़े पांच करोड़ का घोटाला किया है। मेन्युअल दस्तावेजों की जांच के दौरान रिपोटज़् सामने आई है। इधर, फरार पांच आरोपी सीआइडी को भी चकमा दे रहे हैं। जांच के दौरान नए मामले में भी पंद्रह से अधिक आरोपियों की लिस्ट तैयार की गई है।

अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी ज्वाइन किया
सीआइडी जांच रिपोटज़् के अनुसार डभौरा घोटाले का मास्टर माइंड रामकृष्ण मिश्रा वषज़् 2010 में सहकारी बैंक में अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी ज्वाइन किया। हकारी बैंक शाखा जवा में पैर में हवाई चप्पल पहनकर ज्वाइन किया था। तब बैंक खाते में 340 रुपए थे। जांच के दौरान रिपोटज़् मिली कि रामकृष्ण ने घोटाला के दौरान अपने खाते में टोटल बैलेंस के आगे 40 बढ़ा लिया। जिससे खातें का बैलेंस शीट 40 हजार 340 रुपए हो गया। डभौरा घोटाले के मास्टर माइंड ने करोड़ों रुपए की शुरुआत चालीस हजार रुपए से शुरू किया था। 16 करोड़ 44 लाख घोटाले के दौरान वषज़् 2015 में पकड़ा गया। तत्कालीन कलेक्टर प्रयास से करोड़ों के मामले का खुलासा हुआ था।

ऐसे समझें मेन्युअल घोटाला
सहाकारी बैंक एक मई 2013 से कंप्यूटराज्ड हुआ। इससे पहले बैंकों में मेन्युअल कायज़् होता था। कंप्यूटराज्ड खाते की जांच के दौरान 16 करोड़ 44 लाख रुपए संड्रीज खाते का घोटाला किया गया। सीआइडी ने कंप्यूटराइज्ड से पहले के वषज़् 2010 से लेकर वषज़् 2013 के बीच हुए दस्तावेजों की जांच की तो छह नए घोटाले सामने आए। जिसामें गोविंदगढ़ बैंक खाते से तीन करोड़, सेमरिया वीणा से दो करोड़ और गोविंदगढ़ में दूसरी किस्त 1.70 करोड़ की मास्टर माइंड ने ट्रांसफर कर लिया। इसके अलावा तीन अन्य मामले को मिलाकर छह नए मामले में केस दजज़् कराया गया है।

डभौरा घोटाले में पांच आरोपी फरार
डभौरा घोटाले के मामले में मास्टर माइंड समेत 16 जेल में बंद हो गए हैं। जिनके खिलाफ कोटज़् ने ट्रायल शुरू कर दियंा है। पांच आरोपी फरार चल रहे हैं। जिसमें डभौरा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अरुण ङ्क्षसह परिहार, मास्टर माइंड का चचा अभय मिश्राा समेत पांच पांच आरोपी फरार हैं।

पुलिस वारंट जारी कर आोपियों की गिरफ्तारी करना भूली
डभौरा घोटाले से जुड़ी दो अलग-अलग जांच चल रही है। सीइआडी की जांच के आलावा क्षेत्रीय पुलिस छह साल से मामले की जांच कर रही है। फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया है। पुलिस वारंट जारी कर आरोपियों को पकडऩा भूल गई है।