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रीवा। शहर में मनमानी रूप से चल रहे बारातघरों को बड़ा झटका लगने वाला है। नगर निगम अब नई शर्तों के अनुसार लाइसेंस जारी करेगा और जो लाइसेंस नहीं लेंगे उन्हें सीज किया जाएगा अथवा गिरा दिया जाएगा। यह सब एक महीने के भीतर करना होगा। नगर निगम ने लाइसेंस जारी करने के लिए जो शर्तों निर्धारित की हैं, उसमें वर्तमान में चल रहे अधिकांश बारातघर अवैध हो जाएंगे।
यह पक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, लाइसेंस जारी करने के लिए आवेदन स्वीकार करने के लिए विशेष काउंटर भी निगम कार्यालय में खोला गया है। एक जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा था। आयुक्त ने शपथ पत्र देकर कोर्ट को कहा है कि एक महीने के भीतर शहर में संचालित होने वाले सभी बारातघरों को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। जो लाइसेंस नहीं लेंगे उन्हें सीज किया जाएगा या फिर गिराया जाएगा।
आयुक्त ने कोर्ट को दिए गए आश्वासन की जानकारी निगम के अधिकारियों को दी है और कहा है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। यह लाइसेंस आगामी पांच वर्ष के लिए जारी किया जाएगा। इसके बाद नवीनीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही यह भी शर्त रहेगी कि शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार नए प्रावधान यदि तय किए जाते हैं तो उनका भी पालन करना होगा। वर्तमान में रीवा शहर में चल रहे बारातघरों में अधिकांश वाहन पार्किंग और सामने स्थित सड़क की न्यूनत ४० फीट की चौड़ाई नहीं होने की वजह से बंद हो जाएंगे।
नेशनल हाइवे से लगे स्थान सड़क की चौड़ाई में तो बच जाएंगे लेकिन इनके यहां वाहन पार्किंग करना अनिवार्य होगा। वर्तमान में अधिकांश के पास इसकी व्यवस्था नहीं है और उनके आसपास कोई स्थान भी खाली नहीं है, जहां पर वाहन पार्किंग बता सकेंगे। अब तक कागजों में व्यवस्थाएं बताते रहे हैं लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। बारातघरों की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था आए दिन बाधित हो रही है, नए प्रावधानों में इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शर्तें जोड़ी गई हैं।
- उज्जैन की तर्ज पर जारी होगा लाइसेंस
हाईकोर्ट ने कहा है कि उज्जैन की तर्ज पर रीवा सहित पूरे प्रदेश में बारातघरों को लाइसेंस जारी किए जाएं। इसमें ऐसी कई शर्तें हैं, जिनका पालन महज करीब आधा दर्जन की संख्या में बारातघरों पर हो रहा है। वर्तमान में ५४ की संख्या में चिन्हित बारातघर चल रहे हैं, इसमें अधिकांश को लाइसेंस मिलना मुश्किल है। शर्तों का पालन नहीं करने वालों को जब लाइसेंस नहीं मिलेगा तो वह अवैध घोषित कर दिए जाएंगे। इसके बाद उन पर कार्रवाई होगी। अभी शहर के प्रमुख हिस्सों के साथ ही गली-मोहल्लों में भी संचालन हो रहा है और लोगों से मोटी रकम भी वसूली जा रही है।
- इन बारातघरों को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है
बारातघरों के लिए पूर्व की जो शर्तें थी, उनके तहत दो वर्ष पहले नगर निगम ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया था कि जो अवैध हैं उन पर कार्रवाई होगी। उसमें प्रमुख रूप से रामवन, अशोक वाटिका ढेकहा, आशीर्वाद विवाहघर, अभिनंदन मैरिज गार्डन, संस्कार मैरिज गार्डन, संकल्प विवाहघर, शिवमंडपम, बांके बिहारी मैरिज गार्डन, प्रताप हेरिटेज, आशियाना मैरिज गार्डन, श्रीराम मैरिज गार्डन, ओमसाईं मैरिज गार्डन, परिणय वाटिका, गठबंधन मैरिज गार्डन, अमरदीप मैरिज गार्डन, रायल पैलेस, उत्सव राजविलास, स्वयंबर मैरिज गार्डन, वृंदावन गार्डन, गंगोत्री गार्डन, दुल्हन मैरिज गार्डन, प्रिंस मैरिज गार्डन, हरिओम मैरिज गार्डन, गीतांजलि मैरिज गार्डन, खुशी मैरिज गार्डन बदरांव आदि हैं।
- एडवांस बुकिंग वालों के लिए होगी समस्या
नगर निगम आयुक्त ने कहा है कि जो लाइसेंस नहीं लेंगे उन्हें सख्ती के साथ बंद कराया जाएगा। ऐसे में उन बारातघर संचालकों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी, जिन्होंने पहले से ही बुकिंग कर रखी है। यदि निर्धारित शर्तों के अनुसार लाइसेंस नहीं मिल पाया और उन पर कार्रवाई की गई तो उन लोगों के लिए भी परेशानी होगी जो कार्यक्रम आयोजित करने वाले हैं। नगर निगम के उपायुक्त अरुण मिश्रा ने बताया कि शहर के सभी बारातघर संचालकों से कहा है कि एडवांस बुकिंग नहीं कराएं। साथ ही निर्धारित अवधि में लाइसेंस के लिए आवेदन भी करें।
- अनुमति पत्र के लिए इन शर्तों का पालन करना होगा
- भवन क्षमता के अनुसार अग्रिशमन यंत्रों की व्यवस्था।
- महिला-पुरुषों के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था।
- परिसर में आने और जाने के दो रास्ते अनिवार्य होंगे, एक रास्ते वालों का आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
- सड़क की चौड़ाई न्यूनतम 40 फीट अनिवार्य है। सामुदायिक केन्द्रों के लिए यह चौड़ाई 20 फीट की होगी।
- कचरा संधारण एवं गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
- बिजली, पानी तथा इमरजेंसी लाइट की पर्याप्त व्यवस्था।
- वाटर हार्वेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था।
- भोजन बनाने वाले जगह की पर्याप्त व्यवस्था, पार्क, विद्युत कनेक्शन, जनरेटर, आतिशबाजी के स्थान का इंतजाम।
- वाहन पार्किंग व्यवस्था कुल क्षेत्रफल के कम से कम २५ प्रतिशत हिस्से में अनिवार्य।
- विवाह स्थल पर यातायात को बाधित होने से रोकने के लिए निर्धारित संख्या में सुरक्षा गार्ड।
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हाईकोर्ट ने कहा है कि उज्जैन में जिन शर्तों के अनुसार बारातघर चल रहे हैं, उनका पालन रीवा में भी कराना है। कोर्ट को हमने आश्वासन दिया है कि एक माह के भीतर शहर के बारातघरों को लाइसेंस नई शर्तों के अनुसार जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद जो भी अवैध होंगे उन्हें सख्ती के साथ बंद कराएंगे। इस पर अमल भी प्रारंभ हो गया है। आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम
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Published on:
09 Jan 2020 12:25 pm
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