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रीवा में दागी मिलर से मिलिंग का अनुबंद, 30 फीसदी टूटा चावल जमा करा रहा प्रभारी

जिले में नान ने मिलिंग के लिए मिलरो को जारी किया 3.80 लाख क्विंटल से अधिक धान की लॉट

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रीवा

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Rajesh Patel

May 25, 2020

 Increase Quality Of Basmati Rice

Increase Quality Of Basmati Rice

रीवा. कोरोना संक्रमण काल में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। दागी मिलर शुक्ला एग्रोटेक से मिलिंग का अनुबंद कर खजाने को चपत ल गा रहे हैं। संक्रमण की आड़ में नियम-कायदे की अनदेखी कर गोदाम में चावल जमा कराया जा रहा है। वेयर हाउस के गोदाम प्रभारियों की साठगांठ से चावल की बगैर गुणवत्ता परखे मिल संचालक सीधे गोदाम में अनलोड कर रहे हैं।

मिलर 30-35 फीसदी टूटा चावल जमा कर रहा
पीटीएस गोदाम में 30-35 प्रतिशत टूटा चावल जमा किया जा रहा है। जिले में 21 लाख क्विंटल धान की तौल हुई है। नान प्रबंधक ने मिलिंग के लिए अभी तक 3.80 लाख क्विंटल से ज्यादा धान अलाट किया है। अब तक सबसे अधिक पीटीएस गोदाम में चावल जमा किया गया। नान रेकार्ड के अनुसार पीटीएस गोदाम में शुक्ला एग्रोटेक, सोहगौरा ओर अंश इंडस्ट्री के संचालकों ने चावल जमा किया है। गोदाम प्रभारी मिल संचालकों से साठगांठ कर चावल की बगैर गुणवत्ता परीक्षण किए जमा कर रहे हैं। अधिकांश मिलर 30-35 प्रतिशत तक टूटा चावल जमा कर रहे हैं। जबकि नियम है कि अधिकत 25 प्रतिशत ही टूटा यानी ब्रोकेन चावल मान्य होगा। जिम्मेदार नियम-कायदे की अनदेखी कर चावल जमा करा रहे हैं। गोदामों पर नान के प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

भोपाल से नियुक्त नियंत्रक एक दिन गुणवत्ता परखने के बाद कर ली इतिश्री
भोपाल से रीवा, सतना में चावल की गुणवत्ता परखने के लिए एचसी गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई ै। बताया गया कि नियंत्रक का तीन-तीन दिन रीवा व सतना में गुणवत्ता परखने के लिए शेड्यूल तय है। अभी तक नियंत्रक ने पंद्रह दिन में महज एक दिन गुणवत्ता परखने के लिए गए पीटीएस गए थे। इसके बाद से बगैर गुणवत्ता परखे ही चावल जमा कराया जा रहा है।

दस मिलरो ने सबसे अधिक जमा किया चावल
नान कार्यालय में धान मिलिंग के लिए 24 मिलरो ने अनुबंध किया है। रेकॉर्ड के अनुसार अब तक सबसे अधिक धान का उठाव करने वालों में शुक्ला एग्रोटेक, सोहगौरा, बाके बिहारी, एस इंडस्ट्री, अंश इंडस्ट्री, रीवा राइस मिल, राज इंडस्ट्री, प्रभात, ओंमकार समेत अन्य राइस मिलरो ने सबसे अधिक धान की मिलिंग की है। पीटीएस गोदाम में चावल की बिना गुणवत्ता की जांच किए चावल जमा किया जा रहा है। गोदाम श्रमिकों के अनुसार अधिकाशं ट्रकों की अनलोढि़ंग बिना जांच की हो रही है।

प्रति लॉट 290 क्विंटल जमा करना पड़ता है चावल
भारत सरकार की नई गाइड लाइन के तहत नान मिलरों को प्रति लॉट में 433 क्विंटल धान अलाट करता है। प्रति लॉट मिलर को 290 क्विंटल चावल वापस नान को देना पड़ता है। चावल वापस करते समय गुणवत्ता नियंत्रक चावल की क्वॉलिटी परखने के बाद ही गोदाम में जमा किया जाएगा। लेकिन, पीटीएस गोदाम में नियम-कायदे की अनदेखी कर चावल जमा किया जा रहा है।

दागी मिलरो ने किया अनुबंद
नान कार्यालय में दागी मिल संचालकों को भी मिलिंग का काम दे दिया गया है। पांच माह पहले सिरमौर गोदाम में 33 ट्रक चावल का घोटाला हुआ था। जिसमें शुक्ला एग्रोटेक राइस मिल का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने आरोपियों को लेकर दबिश देकर गेहूं खरीदने के आरोप में शुक्ला एग्रोटेक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई थी। लेकिन, स्थानीय पुलिस ने साठगांठ कर मामले को दबा दिया। इसी तरह कई ऐसे भी मिल संचालक हैं जो कई बार गड़बड़ी करने पर ब्लैक लिस्टिेट हो गए हैं। लेनिक, संस्था का नाम बदंल कर अधिकारियों से साठगांठ कर काम कर रहे हैं।