
Rewa satna sidhi singrauli
रीवा. खनिज की नई व्यवस्था के तहत सभांग में एक हजार से ज्यादा प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस (पुनर्वेक्षण अनुज्ञप्ति) को निरस्त कर दिया गया है। खनिज खदानों की नीलामी से पहले सरकार अब स्वयं भू-वैज्ञानिकों से खनिजों की खोज कराएगी। शासन ने रीवा, सतना और सीधी में नीलाम होने वाली खदानों के भौतिक सत्यापन के लिए भू-वैज्ञानिकों का संयुक्त दल गठित किया है। यह दल 18 और 19 दिसंबर को आएगा।
रीवा और सतना में नीलाम होंगी मेजर मिनरल की खदानें
संभाग में रीवा सहित अन्य जिलो में खनिज की खोज के लिए रिलायंस, डाल मियां, एबीमाइंस सहित अन्य माइनिंग कंस्ट्रक्शन कंपनियों को लाइसेंस दिया गया था। सतना में 600 से ज्यादा और रीवा में 325 व सीधी में 100 से अधिक खनिज खोज के लाइसेंस दिए गए थे। सरकार की नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
चिन्हित कर ली गई खदानें
खनिज अधिकारियों ने बताया कि रीवा और सतना में मेजर खनिज खदानों को चिन्हित कर लिया गया है। निजी एजेंसियों के द्वारा सर्वे का काम पूरा हो गया है। भौतिक सत्यापन के लिए शासन स्तर से विभागीय भू-वैज्ञानिकों का दल परीक्षण कर रिपोर्ट देगा। इसके बाद नीलामी की जाएगी।
60 करोड़ से ज्यादा की होगी नीलामी
रीवा और सतना में नीलामी के लिए चिंहित खदानों का संभावित मूल्यांकन 60 करोड़ रुपए से ज्यादा का किया गया है। भू-वैज्ञानिकों के फाइनल सत्यापन के बाद ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के बाद खदानों का चिंहित एरिया सहित सर्वे डिटेल पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
रीवा-शहडोल संभाग में आएंगे भू-वैज्ञानिक
खनिज डायरेक्टर विनीत कुमार आस्टिन ने क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि 18 और 19 दिसंबर को रीवा में भू-वैज्ञानिक विकास सोनी और सतना में भू-वैज्ञानिक बीके शुक्ला एवं केपी दिनकर खदानों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसी तरह सिंगरौली, सीधी सहित शहडोल संभाग के सभी जिलों के लिए भी भू-वैज्ञानिकों का दल गठित किया गया है।
वर्जन...
खनिज की नई व्यवस्था के तहत प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। नई खदानों की नीलामी जल्द की जाएगी। भू-वैज्ञानिकों के भौतिक सत्यापन के बाद ऑनलाइन नीलामी होगी।
संजीव मोहन पांडेय, क्षेत्रीय प्रमुख भौमिकी एवं खनिज कर्म
Published on:
18 Dec 2017, 9:17 PM IST
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