
PhD admission exam date not fixed of Rewa APSU, student depressed
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय अधिकारियों की सुस्त कार्य प्रणाली के चलते विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई करने का छात्रों का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू की लेकिन तिथि घोषित करने के बाद प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने की योजना अधर में लटक गई है।
26 विषयों में प्रवेश की पूरी की जानी है प्रक्रिया
पीएचडी में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा की नई तिथि घोषित नहीं कर पाने के पीछे अधूरी तैयारी मानी जा रही है। प्रवेश परीक्षा के बावत विश्वविद्यालय के शोध संचालनालय को 26 विषयों के प्रश्नपत्र तैयार कराने हैं। शोध निर्देशकों के अधीन सीट रिक्त होने की स्थिति में २६ विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जानी है। सूत्रों की माने तो अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन आधा दर्जन विषयों का प्रश्नपत्र तैयार नहीं करा सका है।
29 जुलाई की निर्धारित परीक्षा तिथि की जा चुकी है स्थगित
परीक्षा के लिए 29 जुलाई की निर्धारित तिथि को परीक्षा स्थगित करने के पीछे भी यही वजह माना जा रहा है। हालांकि इसके अलावा भी कई दूसरे कारण भी बताए जा रहा हैं। जिसमें एलायड विषयों को प्रवेश परीक्षा में शामिल करने और परीक्षा में पात्रता अंक 50 फीसदी किए जाने से संबंधित बिन्दु प्रमुख है।
प्रवेश के लिए 3000 से अधिक आवेदन
विश्वविद्यालय अधिकारियों की माने तो 26 विषयों में रिक्त 743 सीटों के लिए अब की बार आवेदकों की संख्या तीन हजार से अधिक बताई जा रही है। आवेदकों की बढ़ी संख्या पाठ्यक्रम के कई शैक्षणिक सत्र के पीछे चलने का नतीजा है। दरअसल विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक वर्ष 2013-14 सत्र तक ही प्रवेश ले चुका है। जबकि वर्तमान में 2018-19 सत्र चल रहा है।
परीक्षा तिथि के घोषणा की अभी संभावना नहीं
शोध संचालनालय के संचालक प्रो. आरएन सिंह के मुताबिक प्रवेश परीक्षा के आयोजन संबंधित कुछ प्रक्रिया अभी बाकी रह गई हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा के तिथि तय कर पाना मुमकिन होगा। संचालक का कहना है कि अभी परीक्षा की संभावित तिथि के बारे में भी कुछ नहीं कहा सकता है।
Published on:
21 Aug 2018 12:46 pm
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