
Artwork of disabled child suffering in the cabinet minister's district
रीवा. कलेक्ट्रेट में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की संभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल मौजूद रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता संभागायुक्त अशोक कुमार भार्गव ने की। बतौर मुख्यअतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
दिव्यांगजनों की हित में बनाई योजनाएं
मंत्री ने कहा, दिव्यांगजनों के हित में संभागायुक्त की पहल सराहनीय है। बहुत से दिव्यांगजन हैं जिन्हें अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। उन्हें अधिकार दिलाने के लिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अच्छे ढंग से करें। दिव्यांगजनों के हित में बनाई गई योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक ढंग से करें। दिव्यांगों की मदद और उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उनके प्रति अच्छा व्यवहार रखें। कोई भी असहाय व निराश्रित दिव्यांग को यह महसूस नहीं हो कि वह समाज से वंचित हैं। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए कोई कमी नहीं रहने दें।
आबादी का 2.3 प्रतिशत दिव्यांगों की जनसंख्या
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे संभागायुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने कहा, कार्यशाला मानवीय पहलू से जुड़ी है। दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें एवं उनके प्रति सकारात्मक माहौल बन सके इस उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। हमारी आबादी का 2.3 प्रतिशत जनसंख्या दिव्यांगजनों की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के कल्याण के लिए शासन स्तर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को आवागमन में कोई असुविधा न हो, उनके लिए सुगम शौचालय की व्यवस्था हो। दिव्यांगजन के प्रति भेदभाव न हो इसके लिए सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की जरूरत है।
ये रहे मौजूद
कार्यशाला में संभाग के सभी कलेक्टरों ने अपने जिले में दिव्यांगों के हित में किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया। कार्यशाला में डॉ रामनरेश पटेल, रमेश त्रिपाठी, श्रद्धा तिवारी, शशि जैन सहित अन्य लोगों ने सहभागिता कर अपने विचार व्यक्त किए।
Published on:
23 Oct 2019 08:52 pm
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