
sonography : Two months waiting for sonography in SGMH
रीवा. संजय गांधी अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में सोनोग्राफी की नई मशीन लगने के बाद भी वेटिंग कम नहीं हो रही है। हैरानी की बात तो यह कि भर्ती मरीजों की वेटिंग छह-दिन दिन की चल रही है। वार्ड भर्ती मरीज रेडियोलॉजी विभाग में सोनोग्राफी के लिए पहुंचे तो उन्हें 28 अगस्त की तिथि दी गई है। इसी तरह ओपीडी में दिखाने के बाद सोनोग्राफी कराने वाले मरीजों के लिए अक्टूबर में बुलाया गया है।ं ऐसे में साफ है कि सोनोग्राफी की नई मशीन लगने के बाद भी अभी मरीजों को सहूलियत नहीं मिल रही है।
भर्ती मरीजों को छह-छह दिन का समय
रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की अनदेखी के चलते सोनोग्राफी से लेकर डिजिटल एक्सरे कराने के लिए परेशान पसीना बहा रहे हैं। रेडियोलॉजी विभाग में सोनोग्राफी की नई मशीन को मिलाकर तीन हो गई हैं। इसके बाद भी भर्ती मरीजों को छह-छह दिन का समय दिया गया है। सोनोग्राफी केन्द्र पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनुसार प्रतिदिन औसत 50 मरीजों की सोनोग्राफी हो रही है। शनिवार दोपहर सोनोग्राफी कराने वाले आधा दर्जन मरीज चिकित्सकों का पर्चा लेकर बाहर बैठे रहे। पूछने पर बताया कि भर्ती मरीज सोनोग्राफी के लिए बैठे हैं। जो भर्ती नहीं हैं उन्हें अक्टूबर तक समय दिया गया है।
वेटिंग कम नहीं हो रही
शकुंतला बेटे को ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद सोनोग्राफी कक्ष के बाहर तीन घंटे तक बैठीं रहीं। वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने शंकुतला यह कहते हुए वापस कर दिया कि अभी भर्ती मरीजों की सोनोग्राफी हो रही है। 28 अगस्त तक भर्ती मरीजों की सोनोग्राफी के बाद भर्ती नहीं होने वाले मरीजों की वोटिंग दो माह तक है। इसके बाद आने पर सोनोग्राफी हो सकेगी। अभी हाल में नई मशीन का शुरूभारंभ किया गया। इसके बाद भी वेटिंग कम नहीं हो रही है।
डिजिटल एक्सरे के लिए भी जद्दो-जहद, मशीन धुंधली दे रही रिपोर्ट
रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटिल एक्सरे के लिए मरीज जद्दो जहद कर रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर डिजिटल मशीन लगाई गई है। भर्ती मरीज डिजिटल एक्सरे कक्ष के सामने स्ट्रेचर पर दर्द से घंटों कराह रहे हैं। शनिवार को स्ट्रेचर पर शिवेन्द्र कुमार दर्द से कराह रहे थे। पेट पर ड्रिप की बाटल रखे हुए थे। पूछने पर बताया कि स्थित गंभीर है। इसके बाद भी डिजिटल एक्सरे नहीं कर रहे हैं।
तीन बार एक्सरे करा चुके
इसी तरह मारपटी के दौरान घायल पटेहरा की देवी त्रिपाठी एक्सरे कक्ष के बाहर कुर्सी पर बाएं हाथ का दर्द लेकर कराह रही थी। वहां पर मौजूद कर्मचारी के पूछने पर देवी त्रिपाठी ने कहा कि तीन बार एक्सरे करा चुके हैं। धुंधला होने के कारण डॉक्टर को समझ में नहीं आ रहा है। बताया गया कि डिजिटिल एक्सरे मशीन की कुछ रिपोर्ट को छोड़ दे तो ज्यादातर रिपोर्ट धुंधली दे रही है।
Published on:
22 Aug 2021 09:12 am
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