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राखी बांधने के लिए पूरे दिन रहेगा शुभ संयोग, पढि़ए पूरी खबर, जानिए कैसे मनाएं राखी का त्यौहार

पंचक के दोष से मुक्त है रक्षाबंधन का पर्व...

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रीवा

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Ajit Shukla

Aug 26, 2018

Rakshabandhan Festival enjoying whole day, celebration in Rewa

Rakshabandhan Festival enjoying whole day, celebration in Rewa

रीवा। भाई व बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन पूरे दिन उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा। शुभ मुहुर्त सुबह 5.47 बजे से शाम 5.25 तक रहेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक दोपहर 1.25 बजे से 3.53 बजे विशेष शुभ मुहुर्त रहेगा। पंचक के दोष से रक्षाबंधन का पर्व मुक्त माना जा रहा है। रक्षासूत्र बांधने में पंचक का कोई दोष नहीं होगा। ज्योतिर्विद राजेश साहनी के मुताबिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 25 अगस्त को दोपहर 3.16 बजे से ही शुरू हो जाएगी। तिथि के समाप्त होने का समय २६ अगस्त को शाम 5.25 बजे का है। 26 अगस्त को सूर्योदय के साथ ही भद्रा समाप्त हो जाएगा। इसके बाद रक्षासूत्र बांधा जा सकेगा। रविवार के दिन श्रावण पूर्णिमा उदया तिथि होने से रक्षा बंधन पर्व के लिए संपूर्ण दिन मान्य होगी।

इस तरह मनाए रक्षाबंधन
पूर्व की मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन बहन भाई को, पुरोहित यजमान को व प्रजा राजा को रक्षा सूत्र बांधकर संरक्षण प्राप्ति का वचन लेते हैं। रक्षाबंधन के दिन व्रत रहते हुए महिलाएं सुबह स्नान के बाद सूर्य को अघ्र्य दें और उसके बाद सूती या रेशमी वस्त्र में अक्षत, केशर, चंदन, सरसों और दूब रखकर रक्षा पोटली बनाएं। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर पोटली उन्हें भेंट करें। इसके बाद बहन अपने भाइयों को परंपरा के अनुसार आरती कर तिलक लगाएं। नैवेद्य का प्रयोग करते हुए उनके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र या राखी का बंधन करें। इसके बाद शगुन स्वरुप रुमाल भेंट करें।

राखी के दिन भी रही बाजार में खरीदारों की रौनक
रक्षाबंधन के पर्व के मद्देनजर बाजार में शनिवार को खरीदारों के लिए बहनों व भाइयों की भारी भीड़ पहुंची। शाम करीब पांच बजे शिल्पी प्लाजा व किला रोड सहित अन्य बाजारों में इतनी भीड़ हुई कि वहां तिल धरने को भी जगह नहीं बची। राखी की दुकान से ज्यादा भीड़ मिठाई की दुकानों पर लगी। कुछ दुकानों पर तो इतनी भीड़ लगी कि लोगों को लाइन में लगना पड़ा। देर से बाजार पहुंचने वालों को बिना मिठाई के ही लौटना पड़ा। कई को पसंद की मिठाई नसीब नहीं हुई। राखी के दिन भी दोपहर तक बाजार में रौनक बनी रही।