
Reporting not being sent to alcohol traders, magistrates court
रीवा. साक्ष्य के अभाव में आधा दर्जन से अधिक अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिला दंडाधिकारी ने संबंधित जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हंै। जनवरी 2018 से लेकर अब तक ३० से अधिक वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई की गई है।
अगली पेशी पर तलब की जानकारी
जिले में शराब के अवैध कारोबार पर नकेल नहीं लग पा रही है। साक्ष्य के अभाव में जिला दंडाधिकारी न्यायालय में छह अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई अटकी हुई है। जिला दंडाधिकारी ने अगली पेशी पर अधिकारियों को साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। आबकारी उप-निरीक्षक दिनकर सिंह तिवारी ने विनोद जायसवाल के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। इसी तरह पांच अन्य प्रकरण हैं, जिसमें सहायक आबकारी अधिकारी कार्यालय ने साक्ष्य नहीं दिए हैं। दंडाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से अगली पेशी पर साक्ष्य के साथ सभी को तलब किया है।
जल्द होगी निलाम की प्रक्रिया
जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर राजसात वाहनों की निलामी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कागजी प्रक्रिया फाइनल होते ही राजसात 30 वाहनों को जल्द निलाम कर दिए जाएंगे। प्रक्रिया के लिए ग्वालियर मुख्यालय प्रस्ताव भेजे गए हैं।
दो साल में 70 से अधिक वाहन हो चुके हैं राजसात
जिले में दो साल में करीब ७० वाहन राजसात किए जा चुके हैं। ज्यादातर प्रकरण अपील में चले गए हैं। जिससे निलामी की प्रक्रिया लटकी हुई है। कार्यालय सूत्रों के अनुसार, जिला दंडाधिकारी के आदेश के बाद सहायक आबकारी अधिकारियों की शिथिलता के चलते निलामी प्रक्रिया नहीं हो पाती है। इस बीच प्रकरणों की अपील होने के बाद निलामी की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है।
जिले में धड्ल्ले से चल रही पैकारी
जिले में आबकारी और पुलिस विभाग की अनदेखी के चलते शराब का अवैध कारोबार धड्ल्ले से चल रहा है। इससे जहां नशाखोरी बढ़ रही है, वहीं, दूसरी ओर विभाग के राजस्व को चपत लग रही है। नए आयुक्त के फरमान के बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
Published on:
06 Aug 2018 12:40 pm
बड़ी खबरें
View Allरीवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
