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रूफटॉप का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट मेडिकल कॉलेज में लगेगा, लाखों रुपए की होगी बचत

- दो मेगावॉट के प्रोजेक्ट में 1.79 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का करना होगा भुगतान - मेडिकल कालेज, एसजीएमएच, जीएमएच और सुपर स्पेशलिटी की बिल्डिंग में लगेंगे सोलर पैनल

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रीवा

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Mrigendra Singh

Sep 14, 2018

rewa

rooftop solar power project

रीवा। सोलर एनर्जी के क्षेत्र में रूफटॉप नेटमीटरिंग प्रोजेक्ट पर सरकार फोकस कर रही है। जिसके तहत भवनों के छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के लिए भी स्वीकृत हुआ है। इसमें अब बिजली उत्पादन के लिए कंपनी का टेंडर भी पूरा हो चुका है।

अब तक प्रदेश में लगाए गए रूफटॉप प्रोजेक्ट में यह सबसे बड़ा बताया जा रहा है। यहां मेडिकल कॉलेज, संजय गांधी अस्पताल, गांधी मेमोरियल अस्पताल के साथ ही सुपर स्पेशलिटी भवन की छत पर सोलर पैनल लगाया जाएगा। बताया गया है कि करीब डेढ़ वर्ष से इसके लिए प्रक्रिया चल रही थी। टेंडर अब फाइनल हो गया है। जिसका ठेका मेसर्स इंपल्स एनर्जी शल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड गुडग़ांव को मिला है। जल्द ही यह कंपनी यह कार्य प्रारंभ कर देगी।

कुछ दिन पहले कंपनी के अधिकारियों की टीम रीवा आई थी जिसने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का भ्रमण किया था। शहर के अन्य सरकारी भवनों की छत पर इस तरह के प्रोजेक्ट लगाने का क्रम चल रहा है। कई बिल्डिंग्स में इसे लगाया जा चुका है।

दो मेगावॉट क्षमता का होगा प्लांट
मेडिकल कॉलेज की छत पर सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट की क्षमता २ मेगावॉट की है। यह प्रदेश में अब तक लगाए गए प्रोजेक्ट में सबसे अधिक क्षमता वाला बताया जा रहा है। जानकारी मिली है कि इससे करीब ७० फीसदी से अधिक बिजली की जरूरत मेडिकल कॉलेज की पूरी की जा सकेगी।

1.79 रुपए की दर से बिजली मिलेगी
सोलर रूफटाप प्रोजेक्ट से मेडिकल कालेज प्रबंधन 1.79 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगा। प्लांट लगाने में कोई राशि प्रबंधन द्वारा खर्च नहीं की जाएगी। कंपनी अपने संसाधन पर सोलर पैनल लगाएगी। इससे हर महीने 20 लाख रुपए से अधिक की बचत होगी।
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रूफटाप का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
मेडिकल कालेज में रूफटाप का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है। इसके लिए कंपनी निर्धारित हो गई है। इस महीने के अंत तक या फिर अक्टूबर की शुरुआत में कंपनी कार्य प्रारंभ कर देगी। इस प्रोजेक्ट से कालेज प्रबंधन को लाखों रुपए की बचत होगी।
एसएस गौतम, जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी