
RTE: Guardian no interest admission of student in Rewa private school
रीवा। मनचाहा स्कूल नहीं मिलने के चलते अभिभावकों ने शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का प्रवेश दिलाने में रुचि नहीं दिखाई है। निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों ने आवेदन करने के बाद बैकफुट पर आ गए हैं। नतीजा स्कूलों में दो हजार से अधिक सीट खाली रह गई है। गौरतलब है कि जिले के 1137 स्कूलों में 12500 सीट नि:शुल्क प्रवेश के लिए आरक्षित की गई है।
अंतिम तिथि के बावजूद खुला रहा पोर्टल, नहीं हुए प्रवेश
शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक प्रवेश के बावत दस्तावेजों का सत्यापन कराने और प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 30 जुलाई घोषित की गई थी। अंतिम तिथि बीत जाने के बावजूद शासन स्तर से इस उम्मीद में पोर्टल खुला रखा गया कि अभिभावक प्रवेश लेने आएं तो निराश नहीं लौटें, लेकिन शिक्षा अधिकारियों के तमाम कोशिशों के बावजूद 2000 से अधिक अभिभावक आवेदन करने के बावजूद बच्चों का प्रवेश कराने बीआरसीसी कार्यालय नहीं पहुंचे।
केवल 5100 छात्रों का हुआ नि:शुल्क प्रवेश
शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक नि:शुल्क प्रवेश कराने के बावत अभिभावकों ने पहले तो आवेदन नहीं किया। करीब 60 फीसदी सीटों के लिए जैसे-तैसे आवेदन तो हुए लेकिन अब करीब 30 फीसदी सीटों पर प्रवेश नहीं हो सका है। गौरतलब है कि जिले के 1137 स्कूलों में 12500 सीट नि:शुल्क प्रवेश के लिए आरक्षित की गई है। प्रवेश के लिए 7140 अभिभावकों ने आवेदन तो किया लेकिन प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या केवल 5100 रही है।
आवेदन व प्रवेशित छात्र संख्या के कम होने की वजह
- अभिभावकों में साक्षरता के प्रति जागरूकता का अभाव
- आरटीइ में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी नहीं होना
- प्रवेश के लिए मनचाहा निजी स्कूल आवंटित नहीं हो पाना
- निजी स्कूल संचालकों की उदासीनता भी बनी है कारण
जिले में सीट आवंटन की स्थिति
1137 निजी स्कूल में आरटीइ के तहत सीट आरक्षित
12500 सीट नि:शुल्क प्रवेश के लिए उपलब्ध
7140 छात्रों के लिए आवंटित हुई है सीट
5100 छात्रों ने लिया निजी स्कूलों में प्रवेश
Published on:
14 Aug 2018 12:54 pm
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