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सरकार ने अपनाया कड़ा रुख, हड़ताल से नहीं लौटे जूडॉ तो होंगे निष्कासित

श्यामशाह मेडिकल कॉलेज डीन ने दिया निष्कासन से पहले आखिरी अल्टीमेटम, पांचवे दिन भी हड़ताल जारी....
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रीवा

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Dilip Patel

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Updated: 27 Jul 2018, 12:41 PM IST

shyam shah medical college rewa junior doctor strike

shyam shah medical college rewa junior doctor strike

रीवा। चार दिन से हड़ताल पर चल रहे जूनियर डॉक्टरों पर शासन ने सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली। अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज डीन ने देर शाम जूनियर डॉक्टरों को निष्कासन का अल्टीमेटम देते हुए शोकाज नोटिस जारी कर दिया। साथ ही हॉस्टल खाली करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


श्यामशाह मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर, नियमित व स्वशासी नर्सो को गुरुवार सुबह 8 बजे तक हड़ताल समाप्त करने का समय दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला भी दिया गया था। जिसे देखते हुए नियमित व स्वशासी नर्सों ने हड़ताल समाप्त कर दी। लेकिन जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। जूनियर डॉक्टरों को बातचीत के जरिए समझाने के प्रयास किए गए। पर कोई नतीजा नहीं निकला। हालात बदलते नजर नहीं आए तो दोपहर बाद अपर मुख्य सचिव राधे श्याम जुलानिया ने सख्ती के साथ निपटने के आदेश डीन को जारी किए। जिसके बाद डीन कार्यालय से जूनियर डॉक्टरों को निष्कासन की कार्रवाई से पहले शोकाज नोटिस जारी कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीसी द्विवेदी ने बताया कि अभी 40 जूनियर डॉक्टरों को नोटिस दिया गया है। शेष जूनियर डॉक्टरों को नोटिस देने की कार्रवाई चल रही है। निष्कासन की कार्रवाई से पहले उनसे कारण स्पष्ट करने को कहा गया है। अगर शुक्रवार को हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। पाठ्यक्रम से निष्कासित कर दिया जाएगा। हॉस्टल खाली कराए जाएंगे। मप्र आयुर्विज्ञान परिषद से रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा।


काम पर लौंटी नियमित व स्वशासी नर्से
उधर गुरुवार सुबह 8 बजे नियमित नर्सें काम पर लौट आईं। जिसके बाद स्वशासी नर्सेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वशासी में पदस्थ नर्सों के साथ बैठक की। फिर अधीक्षक डॉ. एपीएस गहरवार से मुलाकात की। मांगों पर जैसे ही चर्चा शुरू की अधीक्षक ने बिना शर्त हड़ताल से लौटने की चेतावनी दी। यहां से स्वशासी नर्सेस एसोसिएशन के पदाधिकारी सभी नर्सों के साथ डीन कार्यालय पहुंचे। डीन ने कहा कि कोई बात नहीं सुनी जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जिसके बाद सर्वसम्मति से स्वशासी की नर्सों ने बिना शर्त दोपहर 3 बजे हड़ताल समाप्त कर दी। पदाधिकारियों ने बताया कि डीन से आश्वस्त किया है कि उनकी परिविक्षा अवधि की मांग पर विचार किया जाएगा।


इन मांगों पर अड़े जूडॉ
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से जूनियर डॉक्टरों ने मांग की है कि जो जूनियर डॉक्टर बर्खास्त किए गए हैं उनकी बर्खास्तगी समाप्त करने का लिखित आदेश जारी किया जाए। जिसे मेडिकल कॉलेज ने यह कहते हुए मानने से इंकार कर दिया है कि उच्च न्यायालय ने 24 घंटे में हड़ताल समाप्त करने के आदेश दिए हैं। पहले हड़ताल समाप्त करो फिर शासन के दिशा-निर्देश पर बातचीत की जाएगी। मांग न पूरी होने पर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस लौटने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश कमेटी के फैसले पर विचार करेंगे।