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एमपी के इस जिले में खुद की बनाई बिजली से रोशन होंगे शासकीय कॉलेज

सोलर पैनल स्थापित करने की योजना...

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रीवा

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Ajit Shukla

Sep 24, 2018

Video conferencing organized in higher education

Video conferencing organized in higher education

रीवा। शासकीय महाविद्यालय अब खुद से बनाई गई बिजली से रोशन होंगे। बिजली उत्पादन के मद्देनजर महाविद्यालयों में सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों को तैयारी के लिए निर्देश जारी कर दिया है। उन सभी शासकीय महाविद्यालयों में सोलर पॉवर प्लांट लगाया जाएगा, जिनका खुद का भवन है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का प्रयोग महाविद्यालय में किया जाएगा। अधिक विद्युत उत्पादन की स्थिति में बिजली विभाग के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।

शासन स्तर से की जाएगी पूरी कवायद
उच्च शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो सोलर पैनल लगाने के बावत सारी कवायद शासन स्तर से पूरी की जाएगी। प्राचार्यों को केवल महाविद्यालय स्तर पर तैयारी करना होगा। पैनल लगाने के लिए बजट विभाग की ओर से जारी किया जाएगा। शुरुआत शहर में स्थित महाविद्यालयों से होगी। इसके बाद ग्रामीण अंचल में स्थित महाविद्यालयों में पैनल लगाया जाएगा। प्रत्येक महाविद्यालय में पैनल लगाने का खर्च अलग-अलग होगा। खर्च पैनल की क्षमता पर निर्धारित होगा। महाविद्यालयों में लगाए जाने वाले पैनल की क्षमता का निर्धारण किया जाना अभी बाकी है।

एपीएस विवि में खर्च होंगे २६ लाख रुपए
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में सोलर पॉवर प्लांट लगाने की तैयारी पूरी की जा चुकी है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एसएल अग्रवाल के मुताबिक विश्वविद्यालय में प्रशासकीय भवन व पुस्तकालय भवन की छत पर 25-25 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया जाएगा। विश्वविद्यालय में पैनल लगाने पर 26.68 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया।

इंजीनियरिंग कॉलेज में संचालित हो रहा प्लांट
विद्युत उत्पादन का सोलर पावर प्लांट इंजीनियरिंग कॉलेज में संचालित किया जा रहा है। करीब दो वर्ष पहले लगाए गए पैनल से न केवल पूरे कॉलेज को बिजली उपलब्ध हो रही है, बल्कि विश्वविद्यालय मार्ग की स्ट्रीट लाइट को भी बिजली उपलब्ध हो रही है। सोलर पैनल से बिजली प्राप्त करने के बदले विद्युत कंपनी इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से खर्च किए गए बिजली के बिल में राहत देती है।