अनशन कर रही सैनिक की पत्नी को पहले जनरल वार्ड में रखा गया था, लेकिन जब शहर के लोगों ने इसे गलत बताया तो अस्पताल प्रबंधन ने प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद सोमवार देर रात अस्पताल में निरीक्षण पर पहुंचे मेडिसीन विभाग के एचओडी डॉ. मनोज इंदुलकर ने प्राइवेट वार्ड के 500 रुपए जमा कराने के निर्देश दिए। उनके जाने के कुछ देर बाद ही जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के वार्ड से बाहर निकाल दिया। आधी रात कड़ाके की ठंड की वजह से परेशान परिजनों ने जब 500 रुपए का भुगतान किया तो फिर से रहने की अनुमति दी गई।