
Students protest for four hours in front of VC office at university
रीवा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे से शुरू हुआ छात्रों का हंगामा दोपहर तीन बजे तक जारी रहा। प्रोफेसरों ने समझाने की कोशिश की, पुलिस ने भी दबाव बनाया। लेकिन छात्र नहीं माने। दोपहर तीन बजे तक धरना प्रदर्शन के साथ उनकी नारेबाजी जारी रही। बात अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को हुए हंगामे की कर रहे हैं।
100 अधिक छात्र-छात्राएं हुई जमा
विश्वविद्यालय के पांचवे सेमेस्टर की रसायन विषय की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए करीब 100 से अधिक छात्रों ने प्रशासनिक भवन में जमकर हंगामा किया। छात्र इस बात से आक्रोशित रहे कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर गौर फरमाने की जरूरत नहीं समझ रहा है।
उग्र हुए छात्र, बुलाना पड़ा पुलिस
प्रशासनिक भवन में कुलपति कार्यालय के समक्ष छात्रों का प्रदर्शन सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुआ। पहले छात्रों ने प्रशासनिक भवन के गेट पर एकत्र होकर धरना दिया लेकिन जब विश्वविद्यालय अधिकारियों ने छात्रों के प्रदर्शन पर गौर नहीं किया तो छात्र कुलपति कार्यालय के समक्ष पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए कुलपति चेंबर में प्रवेश करने लगे। छात्रों को प्रवेश से रोका गया तो वह उग्र हो उठे। छात्रों के उग्र तेवर को देखते हुए विश्वविद्यालय अधिकारियों ने पुलिस बुला ली।
उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की
विवि अधिकारियों की सूचना पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक भवन पहुंचे टीआई शिवपूजन मिश्रा ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। लेकिन छात्र इस मांग अड़े रहे कि विश्वविद्यालय अधिकारी लिखित रूप में उन्हें इस बात का आश्वासन दें कि उनके द्वारा रसायन विषय के उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा।
फिर से करेंगे धरना प्रदर्शन
इधर विश्वविद्यालय अधिकारी यह लिखकर देने को तैयार नहीं हुए। अधिकारियों का तर्क रहा कि कुलपति अवकाश पर हैं और प्रभारी कुलपति लिखित आश्वासन देने की स्थिति में नहीं हैं। फिलहाल छात्रों ने इस योजना के साथ धरना समाप्त किया कि कुलपति के लौटने पर वह फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में चैतन्य मिश्रा, संजय शुक्ला सहित अन्य न्यू साइंस कॉलेज की छात्र-छात्राएं शामिल रहीं।
मूल्यांकन में गड़बड़ी का लगाया है आरोप
दरअसल, पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण बीएससी के छात्रों ने रसायन विषय की उत्तरपुस्तिका का गलत मूल्यांकन किए जाने का आरोप लगाया है। छात्रों की मांग है कि उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए। विश्वविद्यालय अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनके कमेटी गठित कर मामले में कमेटी द्वारा निर्णय लिए जाने की बात की जा रही है।
Published on:
20 Feb 2018 01:49 pm
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