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किसानों और उद्यान प्रमियों के लिए खुशखबरी, एपीएसयू के सहयोग से सच होंगे ज्यादा आमदनी के सपने

रूसा से मिलने वाली राशि से विश्वविद्यालय में तैयार होगी लैब

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farmer

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रीवा. कम लागत में ज्यादा आमदनी का सपना अब सच होगा, किसानों को शिकायत रहती है कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता, अब इससे किसानों को राहत मिलेगी। क्योंकि उनके खेती की लागत कम हो जाएगी। जिससे अमदनी में इजाफा होगा। इसके अलावा उद्यानकी का शौक रखनेवालों के लिए भी खुशखबरी है। उनके उद्यान में रौनक बढ़ाने वाले सजावटी और खुशबूदार पौधे के साथ-साथ फलदार पौधे कम दाम में ही उपलब्ध हो जाएंगे। ये सब होगा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के सहयोग से।

टिश्यू कल्चर लैब का प्रोजेक्ट तैयार
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय लैब में पौधे तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। एपीएसयू के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने टिश्यू कल्चर लैब का प्रोजेक्ट तैयार किया है। रूसा से मिलने वाले अनुदान से इस प्रोजेक्ट को स्थापित किया जाएगा। लैब में विशेषज्ञ विशिष्ट किस्म के पौधे तैयार किए जाएंगे, जिससे विंध्य क्षेत्र की कृषि में क्रांति लाई जा सकेगी। किसानों की आमदनी में कई गुना की बढ़ोत्तरी होगी। उन्हें सहजता से अच्छे किस्म के पौधे मिल सकेंगे। बताया गया कि लैब में ऐसे आलू, टमाटर, सहित अन्य किस्मों के ऐसे पौधे तैयार किए जाएंगे जिससे आमदनी ज्यादा होगी। सजावटी पौधे भी तैयार किए जाएंगे। जिन पौधे के बीज नहीं होते ऐसे कई पौधे तैयार किए जा सकेंगे।

बाहर से नहीं लाना पड़ेगा पौध
टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना के बाद जिले में आधुनिक तरीके से खेती कर रहे किसानों को बाहर से पौधे नहीं लाना पड़ेगा। इसी लैब से उनके लिए फूल एवं अन्य किस्मों के मनचाहे पौधे मिल जाएंगे। जिले में पॉली हाउस की आधुनिक खेती हो रही है। इसके लिए पौधे किसानों को बाहर से मगाने पड़ते हैं। टिश्यू कल्चर लैब की जिले में स्थापना होने के बाद किसानों के मुताबिक पौधे तैयार किए जाएंगे। उन पौधे से अच्छी आमदनी होगी।

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उद्यानिकी को बढ़ावा, विलुप्त पौधों को सहारा
इससे उद्यानिकी को बढ़ावा मिलेगा। फसलों के प्लांट तैयार किए जा सकेंगे। जिसे उद्यानिकी का विस्तार तेजी से होगा। इसमें कुछ नए प्रजाति के पौधे भी होंगे। टिश्यूू कल्चर लैब मिलने से किसानों को फायदा होगा। नए-नए किस्म के पौधे मिल सकेंगे।

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यह है टिश्यू कल्चर
टिश्यूू कल्चर के माध्यम से एक पौधे से हजारों पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इसमें किसी पौधे का ऊतक लेकर उसे मल्टीप्लाई कर हजारों पौधे तैयार किए जाते हैं। ऐसे पौधे जिसमें बीज नहीं होता जैसे गन्ना, केला, अदरक, हल्दी, अनानास आदि पौधों के लिए टिश्यू कल्चर वरदान है। टिश्यू कल्चर से निर्मित पौधों की विशेषता यह है इसमें कीड़े या बीमारी नहीं होती। उत्पादन भी अधिक होता है।

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