
Verma's biggest hospital in the vicinity, know how she came in
रीवा। विंध्य के सबसे संजयगांधी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। अस्पताल के आपरेशन थिएटर में कबर बिज्जू पाए गए हैं। सुबह कर्मचारियों ने इसकी सूचना अस्पताल के अधिकारियों को दी तो वन विभाग से एक्सपर्ट बुलाए गए जिन्होंने घंटे भर से अधिक की मेहनत के बाद दो कबर बिज्जू को पकड़ा।
अस्पताल की पहली मंजिल में आपरेशन थिएटर है, जहां पर ये कबर बिज्जू कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल उत्पन्न हो रहा है। यहां पर चिकित्सक किसी बाहरी व्यक्ति को भी प्रवेश नहीं करने देते हैं। ऐसे हाल में कबर बिज्जू कैसे पहुंच गए, इस बात का जवाब अस्पताल प्रबंधन भी नहीं दे पा रहा है।
आपरेशन थिएटर में इंफेक्शन भी फैलने का खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस ओटी में कबर बिज्जू घुसे थे, उसका उपयोग बहुत कम होता है। महंगी मशीनें यहां पर रखी हुईहैं, धूल एवं कचरा बड़े पैमाने पर पाया गया है। वहां से इन कबर बिज्जू की आवाज आने पर कर्मचारी सुबह पहुंचे तो देखते ही भाग निकले। काफी देर तक अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा।
अधिक संख्या में जानवरों के होने की आशंका
वन विभाग की टीम में शामिल एक्सपर्टहरिनाथ दास ने बताया कि आपरेशन थिएटर के भीतर जिस तरह से जानवरों के बीट और अन्य निशान पाए गए हैं, उससे माना जा रहा हैकि इनकी संख्या पांच से छह की हो सकती है। दो पकड़े गए हैं वह अपनी कम उम्र के हैं, इसलिए यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि इनके साथ रहने वाले अन्य सुबह ही बाहर निकल गए होंगे।
बताया गया हैकि ये शाकाहारी प्रजाति के जानवर हैं, जंगल एवं नदियों के किनारे रहते हैं। ये आदमी पर सामान्य परिस्थति में हमला नहीं करते। इन्हें जंगली बिल्ली के नाम से भी जाना जाता है।
24 घंटे अस्पताल में पहरेदारी
संजयगांधी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रबंधन ने प्राइवेटकंपनी को जिम्मेदारी सौंप रखी है। अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे अस्पताल में पहरेदारी की जा रही है। ऐसे में आपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान पर जंगली जानवरों का घुस जाना सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
अस्पताल के ओटी में दो जंगली प्रजाति के जानवर पाए जाने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम बुलाई गई और पकड़वाया गया है। ये कैसे घुसे, सुरक्षा में कहां चूक हुई, इसकी जानकारी संबंधित से मांगी गईहै। जिस ओटी में जानवर मिले हैं वह इनदिनों बंद रहता है।
डॉ. एपीएस गहरवार, संयुक्त संचालक एसजीएमएच
Published on:
14 Jun 2019 02:43 am
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