21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

World TB Day : गुटखा-तंबाकू त्यागें, अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं, जानिए, ऐसे लोग कोरोना की चपेट में आ रहे

विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल संजय गांधी अस्पताल में हर साल बढ़ रही मरीजों की संख्या, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ बीएल मिश्र ने टीबी मरीजों को सतर्क रहने किया अलर्ट...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Rajesh Patel

Mar 24, 2020

World Tb day

विश्व टीबी दिवस विशेष: समय से इलाज ही है टीबी का निदान

रीवा. अगर आप शराब, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा-तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। जी हां, यदि आप समय रहते तंबाकू आदि का उपयोग नहीं बंद किया तो फेफड़े के साथ ही शरीर का अन्य हिस्सा प्रभावित हो जाएगा। ऐसा इस लिए कि जिले में पांच साल के भीतर टीबी मरीजों के मृत्यु का आंकड़ा दो गुना हो गया है। जिसे लेकर चिकित्सक भी हैरान हैं।

तंबाकू -गुटखा छोड़े महामारी से बचें
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ बीएल मिश्र ने टीबी मरीजों को सतर्क करने की सलाह देते हुए कहा है कि गुटखा-तंबाकू छोड़ कर अपने सेहत का ख्याल रखे। तभी कोरोना जैसे संक्रमित महामारी से लड़ सकेंगे। नशे से दूर रहें और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं, जिससे कोरोना जैसे महामारी से बच सकेंगे।

विश्व में 3 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में

जिला क्षय अधिकारी ने बताया कि शराब, गुटखा, बीड़ी और तंबाकू खाने वाले कम ही लोग हैं जो अपनी पूरी जिंदगी जी पाए हों। ज्यादातर लोग टीबी के मरीज हो गए हैं। हर समय खांसी, छींकते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस से डॉ बीएल मिश्र बचने के लिए अलर्ट रहना होगा। बीएल मिश्र ने बताया कि आज दिनांक तक विश्व में अनुमानित ३ लाख लोक कोरोना जैसी बीमारी से प्रभावित हुए हैं।

शारीरिक क्षमता कम होने से घट रही इम्पयूनिटी पॉवर
कोरोना बीमारी सामान्यता ऐसे लोग चपेट में आ रहे हैं जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने का महत्वपूर्ण कारण हैं तंबाकू सेवन से शारीरिक क्षमता यानी इम्यूनिटी कम हो जाती है। आम नागरिको को सलाह है कि जिस प्रकार जनता कफ्र्यू का साथ दिया है ठीक उसी प्रकार तंबाकू, गुटखा व सिगरेट का सेवन बंद कर दें।

50 साल में ही फेफड़े हो गए खराब
जिले के त्योथर तहसील के बरछा गांव के ७० वर्षीया त्रिभुवन सिंह बड़े कास्तकार हैं। 20 साल की उम्र में ही तंबाकू का सेवन करने लगे थे। 50 साल की उम्र पहुंची तो फेफड़े की बीमारी से परेशान हो गए। त्रिभुवन की पूरी कमाई इलाज में निगल गई। दाने-दाने को मोहताज हो गए। जैसे-जैसे बच्चों ने इलाज कराकर जान बचाई। अब वह तंबाकू से लोगों को दूर करने की नसीहत दे रहे हैं।

टीबी के ये लक्षण
1 लगातार तीन हप्ते से खासी का आना और आगे भी जारी रहना
2 खासी के साथ खून का आना।
3 छाती में दर्द ओर सांस फूलना।
4 वजन कम होना और थकान महसूस होना।
5 शाम को बुखार का आना और ठंड लगना।
6 रात में पसीना आना।