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नगर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा, मंदिर में हुआ भगवान का अभिषेक, पूजन

धूमधाम से मनाई गई भगवान महावीर की जयंती, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, जगह—जगह की गई भगवान की पूजन

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A grand procession was taken out in the city, the Lord was anointed and worshipped in the temple

शोभायात्रा में शामिल रथ पर विराजित भगवान की प्रतिमा

बीना. भगवान महावीर की जयंती नगर में गुरुवार को धूमधाम से मनाई गई और नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन मुनि निर्दोषसागर, मुनि निर्लोमसागर, मुनि निरुपमसागर महाराज के सान्निध्य में किया गया। नगर की जैन समाज और सभी जिनालयों के पदाधिकारीयों ने एकजुट होकर शोभायात्रा निकाली, जो सुबह 7 सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर सर्वोदय चौराहा, स्टेशन रोड, महावीर चौक, कच्चा रोड होते हुए तीन नंबर स्कूल परिसर में संपन्न हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे जैन ध्वज, डीजे, प्रत्येक मंदिर से संचालित पाठशालाओं के बच्चे, महिला मंडल, बाहुबली ग्रुप के सदस्य चल रहे थे। साथ ही झाकियां शामिल थीं और रथ पर भगवान की प्रतिमाएं विराजित की गई थीं। तीन नंबर स्कूल परिसर में भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन हुई। शोभायात्रा मेंविधायक निर्मला सप्रे, जिला न्यायाधीश सहित हजारों लोग शामिल हुए।

भगवान महावीर का संदेश जियो और जीने दो
कार्यक्रम स्थल पर मुनि निर्दोषसागर महाराज के प्रवचन हुए। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24 वें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिनका जन्म वैशाली गणराज्य के क्षत्रिय कुंड (वर्तमान में बिहार में) हुआ था। 12 वर्ष की कठोर तपस्या करके 42 वर्ष की आयु में उन्हें ज्ञान प्राप्त हो गया था। उनका दिव्य संदेश जियो और जीने दो था। उनके पांच मुख्य सिद्धांत अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य थे। भगवान महावीर स्वामी वर्तमान शासन नायक है। शाम को भजन संध्या हुई, जिसमें कवि विकर्ष शास्त्री जबलपुर और दीक्षा ने कविता पाठ किया।