
क्लीनिक सील करते हुए
बीना/बरोदिया कलां. मालथौन थानांतर्गत ग्राम बमनौरा में झोलाझाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण मरीज की जान चली गई। ग्रामीण पेट दर्द का इलाज कराने के लिए गया था और इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई, जिसे लेकर परिजन सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से भेजे गए मेमो पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम पलेथनी निवासी हरिराम आदिवासी ने बताया उसके पिता हल्कई आदिवासी को पेट दर्द होने पर इलाज कराने के लिए बमनोरा ग्राम में चांदसी डॉक्टर के यहां गए थे, जहां डॉक्टर ने बॉटल चढ़ाई थी, जिससे तबियत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया। सिविल अस्पताल में डॉक्टर ने हल्कई को मृत घोषित कर दिया। इसी शिकायत मृतक के परिजनों ने पुलिस में की, जिसपर पुलिस ने मर्ग कायम लिया और क्लीनिक सील कर दी है। मौत की जानकारी मिलने पर झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग निकला।
बीस साल से चला रहा क्लीनिक
ग्रामीणों ने बताया कि गांव 20 साल से क्लीनिक चल रहा है और मरीजों की लाइन लगती है। मालथौन क्षेत्र में कई लोग बिना डिग्री के इलाज कर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। कुछ महीनों पहले भी झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से महिला की जान चली गई थी।
क्लीनिक की है सील
मरीज की मौत का मामला सामने आने के बाद मौके पर पहुंचकर क्लीनिक को सील कर दिया है। मौके पर डॉक्टर नहीं मिला। मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
डॉ. विक्रांत गुप्ता, बीएमओ, मालथौन
दिए हैं कार्रवाई के निर्देश
मालथौन बीएमओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ममता तिमोरी, सीएमएचओ, सागर
Published on:
04 Jun 2025 11:42 am
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